Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रामपुर बुशहर के जगातखाना पुल से उफनती सतलुज नदी में छलांग लगाने वाले युवक का शव मिल गया है। इस बीस वर्षीय युवक की तलाश पिछले तीन दिनों से लगातार जारी थी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार को शव नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
नदी में तीन दिन तक चला एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन
मृतक की पहचान बीस वर्षीय रोहित के रूप में हुई है। वह अप्पर डकोल्ड इलाके का निवासी था। रोहित ने तीन दिन पहले जगातखाना पुल से अचानक सतलुज नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। मंगलवार सुबह एनडीआरएफ के जवानों ने एक बार फिर नदी में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार टीम को दोपहर बारह बजे शव निकालने में सफलता मिली।
खनेरी अस्पताल में होगा पोस्टमार्टम, पुलिस ने तेज की जांच
शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए शव को खनेरी अस्पताल भेज दिया गया है। वहां डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम करेगी। पुलिस ने इस दर्दनाक घटना के संबंध में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। युवक ने इतना खौफनाक कदम आखिर क्यों उठाया, इसका मुख्य कारण अभी साफ नहीं हुआ है। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
जगातखाना पुल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
निरमंड की सात प्रमुख पंचायतों को जोड़ने वाला जगातखाना पुल काफी महत्वपूर्ण है। इस पुल से छलांग लगाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोग लगातार यहां सुरक्षा जाल लगाने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन को इस दिशा में कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि हादसों को रोका जा सके। रोहित की दुखद मौत की खबर से पूरे इलाके में भारी शोक फैल गया है। पुलिस जल्द ही युवक के परिजनों से भी लंबी पूछताछ करेगी।
