बेटी की हत्या वाली जगह पर पिता ने किया कुछ ऐसा, देखकर रो पड़ा पूरा गांव, जानें रुला देने वाली कहानी

Himachal News: मंडी जिले के सरकाघाट में एक पिता ने दिल को झकझोर देने वाला कदम उठाया है। बेटी सिया गुलेरिया की दर्दनाक हत्या के बाद परिवार गहरे सदमे में है। पिता जोगिंद्र सिंह ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने की लंबी लड़ाई शुरू की है। इसी बीच उन्होंने एक विशेष धार्मिक कार्य किया है। उन्होंने अपनी बेटी की आत्मा की शांति के लिए उसी जगह पर शांति हवन किया, जहां दरिंदों ने उसकी जान ली थी।

दो चरणों में संपन्न हुआ शांति अनुष्ठान

परिवार ने बेटी की आत्मा की शांति के लिए इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान को दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया। शुक्रवार सुबह सबसे पहले सिया के पिता और चाचा ने अपने घर पर शांति पाठ करवाया। इस दौरान परिवार के सभी करीबी और रिश्तेदार मौजूद रहे। घर पर हवन पूरा करने के बाद सभी लोग उस मनहूस जगह पर पहुंचे। यह वही डरावनी जगह थी जहां मासूम सिया की बेरहमी से हत्या की गई थी।

खून से सनी मिट्टी पर पिता ने दी आहुति

घटनास्थल पर पहुंचकर पिता ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया। पिता जोगिंद्र सिंह ने उसी मिट्टी पर बैठकर अग्नि में आहुतियां दीं। उनका मुख्य उद्देश्य उस जगह की नकारात्मक ऊर्जा को हमेशा के लिए खत्म करना था। पिता का मानना है कि इससे उनकी दिवंगत बेटी की आत्मा को सीधा मोक्ष मिलेगा। अपनी जवान बेटी के हत्या वाले स्थान पर पिता को पूजा करते देख वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें छलक उठीं।

कॉलेज जाते समय हुई थी निर्मम हत्या

आपको बता दें कि यह दिल दहला देने वाली घटना तेरह अप्रैल को हुई थी। नैण गांव की रहने वाली सिया गुलेरिया हमेशा की तरह अपने कॉलेज जा रही थी। घर से महज एक किलोमीटर दूर कुछ लोगों ने उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात ने पूरे हिमाचल प्रदेश को बुरी तरह हिला कर रख दिया था। फिलहाल राज्य की पुलिस इस गंभीर मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई जारी है।

बेटी को न्याय दिलाना ही पिता का आखिरी लक्ष्य

सिया के पिता जोगिंद्र सिंह अपनी बेटी को याद करते हुए बहुत भावुक हो गए। उन्होंने नम आंखों से कहा कि वह कानूनी तौर पर न्याय की कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। अपराधी को कड़ी सजा दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करते रहेंगे। एक पिता होने के नाते उनका पहला कर्तव्य अपनी बच्ची की आत्मा को शांति दिलाना है। जहां बेटी ने दर्द सहा और अंतिम सांस ली, पिता वहीं उसके लिए रोते हुए प्रार्थना कर रहे हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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