Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित मानव भारती यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। अदालत के सख्त आदेश के बाद ईडी ने भगोड़े आर्थिक अपराधी मनदीप राणा की दो संपत्तियों को जब्त कर लिया है। यह पूरा मामला करीब तीन सौ सत्तासी करोड़ रुपये के भारी घोटाले से जुड़ा है। आरोपियों ने लालच में हजारों छात्रों के भविष्य और करियर के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ किया है।
धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जांच
सोलन जिले के धरमपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर जांच शुरू हुई थी। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत इस पूरे मामले की गहरी छानबीन की। शिमला सब जोनल ऑफिस को तेईस अप्रैल को स्पेशल कोर्ट से जब्ती का आदेश प्राप्त हुआ। जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित और बहुत बड़ा आपराधिक नेटवर्क था। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा के नाम पर अवैध वसूली करना था।
परिवार ने मिलकर रची बड़ी साजिश
ईडी की विस्तृत जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी राज कुमार राणा ने अपनी पत्नी अश्वनी कंवर और बेटे मनदीप राणा के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने बाहरी एजेंटों और बिचौलियों के माध्यम से फर्जी डिग्रियां बेचने का धंधा चलाया। छात्रों से मोटी रकम लेकर मानव भारती यूनिवर्सिटी के नाम पर जाली डिग्रियां बांटी गईं। इस तरह परिवार ने शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को पूरी तरह से व्यापार बना दिया था।
काले धन को संपत्तियों में किया निवेश
अपराध से हासिल हुई करोड़ों रुपये की रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद किया गया। एजेंसी ने बताया कि इस काले धन को बहुत ही शातिराना तरीके से विभिन्न चरणों में घुमाया गया। इसके बाद आरोपियों ने कई राज्यों में अपने और संस्थाओं के नाम पर चल और अचल संपत्तियां खरीदीं। धोखाधड़ी का यह पैमाना बहुत ही विशाल है। यह देश के सबसे गंभीर और बड़े वित्तीय अपराधों में से एक माना जा रहा है।
कोर्ट के समन को लगातार किया नजरअंदाज
केंद्रीय जांच एजेंसी ने अब तक लगभग दो सौ करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया है। वहीं आरोपी मनदीप राणा ने न्यायिक प्रक्रिया की घोर अवहेलना करते हुए अदालत के समन को लगातार नजरअंदाज किया। ईडी के लगातार प्रयासों के बावजूद उसने जांच में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। वह जानबूझकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा है। इसलिए प्रशासन ने उसके खिलाफ यह कठोर और बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है।
