Delhi News: भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दिल्ली सरकार ने ‘हीट एक्शन प्लान 2026’ को जमीन पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को गर्मी से लड़ने के लिए तैयार करने के सख्त निर्देश दिए। इस योजना के तहत अस्पतालों, स्कूलों, पुलिस थानों और बस स्टैंडों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि बढ़ते तापमान के बीच किसी भी नागरिक, विशेषकर बच्चों और मजदूरों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
स्कूलो में ‘वाटर बेल’ और अस्पतालों में ‘कूल रूम’ की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी स्कूलों में ‘वाटर बेल’ सिस्टम शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत निश्चित अंतराल पर घंटी बजेगी, जो बच्चों को पानी पीने और हाइड्रेटेड रहने के लिए प्रेरित करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में तैयारियों को पुख्ता करते हुए दिल्ली के 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं। साथ ही, 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को ओआरएस और आइस पैक से लैस किया गया है। एम्बुलेंस सेवाओं को भी लू के मरीजों के उपचार के लिए जरूरी सुविधाओं के साथ अलर्ट पर रखा गया है।
श्रमिकों के लिए दोपहर में काम पर पाबंदी के निर्देश
भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होने वाले निर्माण श्रमिकों के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि दोपहर के अत्यधिक गर्म समय में बाहरी कार्यों पर रोक लगाई जाए और श्रमिकों के कार्य समय (Working Hours) में बदलाव किया जाए। निर्माण स्थलों पर छाया, पीने के पानी और विश्राम की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने अपने स्तर पर 11,000 से अधिक एयर कूलर लगाए हैं और ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर तैनात कर्मियों व नागरिकों को ओआरएस पैकेट बांट रही है।
तापमान की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और अलर्ट सिस्टम
दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में गर्मी के रिकॉर्ड टूटे हैं, जिसे देखते हुए इस बार मौसम विभाग (IMD) की कलर-कोडेड चेतावनी प्रणाली (ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड) को सख्ती से लागू किया गया है। वर्ष 2025 में पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है, इसलिए अब दैनिक आधार पर तापमान की निगरानी की जा रही है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और 17 से अधिक तकनीकी संस्थानों के सहयोग से रियल-टाइम अलर्ट सीधे आम नागरिकों और संबंधित विभागों तक पहुंचाए जा रहे हैं ताकि समय रहते बचाव के उपाय किए जा सकें।
पशु-पक्षियों का भी रखा जाएगा विशेष ख्याल
इस बार के हीट एक्शन प्लान में केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी संवेदनशीलता दिखाई गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक पार्कों और अन्य स्थानों पर पशु-पक्षियों के लिए छाया और पानी के बर्तनों की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में वाटर एटीएम, टैंकर और वाटर कूलर की संख्या बढ़ाई जा रही है। सरकार का मानना है कि व्यापक जन-जागरूकता और आपसी समन्वय से ही ‘हीट वेव’ के खतरों को कम किया जा सकता है।
