दरभंगा से कंबोडिया तक फैला साइबर ठगी का खौफनाक जाल: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के लिए बिहार से भेजे जा रहे फर्जी सिम कार्ड

Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले में साइबर ठगी का एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसके तार सात समंदर पार कंबोडिया से जुड़े हैं। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि स्थानीय युवकों का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। इस गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने दरभंगा के दो युवकों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

सीएचसी संचालक निकला कंबोडियाई ठगों का मददगार

आर्थिक अपराध इकाई, पटना से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने केवटी थाना क्षेत्र के रनवे निवासी विवेक महतो को गिरफ्तार किया है। विवेक एक सीएससी (CSC) केंद्र और मोबाइल शॉप चलाता था। जांच में पाया गया कि विवेक ने फर्जी तरीके से दूसरों के दस्तावेजों पर 34 सिम कार्ड सक्रिय किए थे। इनमें से एक सिम रवीना खातून के नाम पर था, जिसका इस्तेमाल कंबोडिया में बैठकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है।

लालच में फर्जी दस्तावेजों पर एक्टिवेट किए दर्जनों सिम

जांच के दौरान पता चला कि ठगों ने बबीता देवी, जमीला खातून और सविता देवी जैसी महिलाओं के नाम पर दिसंबर 2025 में दर्जनों सिम कार्ड एक्टिवेट कराए थे। कुल 31 सिम कार्ड फिलहाल कंबोडिया में सक्रिय पाए गए हैं, जबकि अन्य सिम कार्ड्स पर साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। सिम धारक रवीना खातून ने पूछताछ में बताया कि उसने कभी विवेक से सिम नहीं ली थी। विवेक और उसके साथी लालच में आकर फर्जी सिम ऊंचे दामों पर बेच देते थे।

महाराष्ट्र से लेकर कंबोडिया तक फैला है ठगी का केंद्र

साइबर पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का एक मुख्य केंद्र महाराष्ट्र भी पाया गया है, जहां पुणे रोड निवासी निर्मला कुलपति नामक महिला की तलाश की जा रही है। दरभंगा के बहेड़ा और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के कई युवक इस रैकेट में शामिल हैं। पुलिस अब रौशन झा, अभिषेक कुमार ठाकुर और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है। इन अपराधियों ने ‘रौशन इंटरप्राइजेज’ और ‘अभिषेक इंटरप्राइजेज’ जैसे फर्जी संस्थानों के जरिए इस नेटवर्क को चलाया।

नेटवर्क के पर्दाफाश के लिए रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी

साइबर थाना दरभंगा के थानाध्यक्ष सह डीएसपी विपिन बिहारी ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। जिन नामों पर फर्जी सिम एक्टिवेट किए गए हैं, उनका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय डिजिटल अरेस्ट गैंग पर लगाम कसी जा सकेगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

हिमाचल के लिए बड़ी खुशखबरी: केंद्र ने खोला खजाना, क्या अब हर घर को मिलेगा 24 घंटे पानी?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री...

Related Articles

Popular Categories