International News: चीन ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी ताकत दिखाकर दुनिया को हैरान कर दिया है। चीन के परमाणु प्राधिकरण ने दावा किया है कि वह अब एक साथ 50 परमाणु रिएक्टरों का निर्माण करने में सक्षम है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों को देखते हुए बीजिंग ने यह कदम उठाया है। चीन जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए परमाणु ऊर्जा का तेजी से विस्तार कर रहा है।
परमाणु तकनीक में अब दुनिया का नेतृत्व करेगा चीन
चीन परमाणु ऊर्जा संघ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश की परमाणु प्रौद्योगिकी अब ‘अनुसरण’ करने के दौर से बाहर आ चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अब दुनिया के साथ चल रहा है और कई क्षेत्रों में नेतृत्व (Leadership) करने की स्थिति में पहुंच गया है। चीन के पास अब डिजाइन से लेकर निर्माण तक, परियोजना के पूरे चक्र को खुद संभालने की अद्भुत क्षमता विकसित हो चुकी है।
चीन की परमाणु क्षमता 125 मिलियन किलोवाट के पार
सरकारी चैनल सीसीटीवी ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि चीन की कुल स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता अब 125 मिलियन किलोवाट तक पहुंच गई है। इस उपलब्धि के साथ ही चीन अब वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर काबिज हो गया है। चीन अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। वह खाड़ी देशों में जारी तनाव के बीच अपनी बिजली आपूर्ति को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना चाहता है।
60 रिएक्टरों का सफल संचालन और भविष्य की योजना
चीन वर्तमान में 60 वाणिज्यिक परमाणु रिएक्टरों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। इसके अलावा, 36 नए रिएक्टर अभी निर्माणाधीन हैं, जो पूरी दुनिया में हो रहे परमाणु निर्माण का आधे से अधिक हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सरकार ने 16 अन्य नई इकाइयों को भी मंजूरी दे दी है। इन इकाइयों के निर्माण का काम जल्द ही शुरू होने वाला है, जिससे चीन की ऊर्जा क्षमता और बढ़ेगी।
