Delhi News: दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का कहर जारी है। बीते शनिवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल का सबसे गर्म दिन रहा। अब मई की शुरुआत के साथ ही पारा 44 डिग्री के पार जाने की चेतावनी है। ऐसे में जरूरी काम से बाइक लेकर निकलने वालों के लिए हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। सूरज की तेज किरणें और लू के थपेड़े कुछ ही मिनटों में शरीर को बीमार कर सकते हैं। यह आर्टिकल आपको बताएगा कि भीषण धूप में सुरक्षित और स्वस्थ रहते हुए बाइक की सवारी कैसे करें।
शरीर को हाइड्रेट रखना है सबसे बड़ा हथियार
बाइक पर सफर शुरू करने से पहले और सफर के दौरान शरीर में पानी की कमी न होने दें। भरपूर मात्रा में पानी पिएं और हमेशा अपने साथ पानी की बोतल अवश्य रखें। सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस का घोल भी साथ रखें। ये सभी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं। तेज धूप में जरा सी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है।
गर्मी में कपड़ों का चुनाव है बेहद अहम
बाइक चलाते समय सही कपड़े पहनना सेहत के लिए बहुत मायने रखता है। हल्के रंग के ढीले और पूरी तरह सूती कपड़े पहनें। ये शरीर को ठंडा रखते हैं और पसीना सोखते हैं। फुल स्लीव्स शर्ट पहनने से त्वचा सीधी धूप से बची रहती है। हेलमेट पहनना बिल्कुल न भूलें लेकिन ऐसा हेलमेट चुनें जिसमें बेहतर वेंटिलेशन हो। इससे हवा का प्रवाह बना रहता है और सिर गर्म नहीं होता।
दोपहर के तीन घंटे बेहद खतरनाक, समय का रखें ध्यान
बाइक से निकलने का सही समय चुनना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे के बीच धूप सबसे तीखी और नुकसानदेह होती है। इस दौरान बाइक चलाने से बचना चाहिए। अगर यात्रा बहुत जरूरी हो तो बीच-बीच में छांव वाली जगह ब्रेक लेते रहें। इससे शरीर को ठंडा होने का मौका मिलता है और हीटस्ट्रोक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
सनस्क्रीन है त्वचा की ढाल, जरूर लगाएं
तेज धूप में बाइक चलाने से पहले सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें। सूरज की हानिकारक यूवी किरणें त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे सनबर्न, टैनिंग और लंबे समय में त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। हमेशा एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल करें। चेहरे और हाथों के अलावा गर्दन के पिछले हिस्से पर भी इसे लगाना जरूर याद रखें।
हीटस्ट्रोक के ये संकेत दिखें तो तुरंत रुकें
बाइक चलाते समय अगर चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी जैसा लगना, या अत्यधिक पसीना आने लगे तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ये सब हीटस्ट्रोक या गंभीर डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत बाइक को किनारे रोक दें। किसी ठंडी और छायादार जगह पर जाकर हेलमेट और भारी कपड़े उतारें और शरीर को ठंडा होने का पूरा समय दें।
सिर्फ अपनी नहीं बाइक की भी रखें देखभाल
भीषण गर्मी का असर सिर्फ आपकी सेहत पर ही नहीं बल्कि आपकी बाइक पर भी पड़ता है। चिलचिलाती धूप में इंजन के ओवरहीट होने का खतरा बढ़ जाता है। सफर पर निकलने से पहले टायर प्रेशर, इंजन ऑयल और कूलिंग सिस्टम की जांच जरूर कर लें। गर्म सड़क पर टायर के पंचर होने की आशंका भी बढ़ जाती है। बाइक को ज्यादा देर तक लगातार न चलाएं और बीच-बीच में उसे भी ठंडा होने का मौका दें।
