दिल्ली में जज की संदिग्ध मौत: ‘जीना मुश्किल हो गया है’ कहकर पिता को किया था आखिरी फोन, क्या प्रताड़ना बनी वजह?

Delhi News: दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात न्यायिक अधिकारी अमन कुमार शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने राजधानी को स्तब्ध कर दिया है। सफदरजंग इलाके में जज का शव फंदे से लटका हुआ मिला, जिसके बाद पुलिस ने इसे प्राथमिक तौर पर आत्महत्या करार दिया है। हालांकि, मृतक के परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को प्रताड़ना और उत्पीड़न से जोड़ा है। परिजनों का दावा है कि अमन पिछले दो महीनों से काफी परेशान थे और उन्होंने खुद अपनी जान को खतरा बताया था।

पिता को फोन कर बयां किया था दर्द

मृतक के रिश्तेदार राजेश शर्मा के मुताबिक, अमन ने घटना वाली रात करीब 10 बजे अपने पिता प्रेम शर्मा को फोन किया था। बातचीत के दौरान जज ने कथित तौर पर कहा कि उनका जीना मुश्किल हो गया है और वे पिछले दो महीनों से मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि अमन अपनी शिकायतों को लेकर काफी मुखर थे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस आखिरी कॉल के बाद ही परिवार को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी।

पारिवारिक विवाद और पत्नी के साथ अनबन

राजेश शर्मा ने दावा किया कि अमन का अपनी पत्नी के साथ गहरा विवाद चल रहा था, जो स्वयं एक न्यायिक अधिकारी हैं। घटना की रात ग्रीन पार्क स्थित आवास पर दोनों के बीच तीखी बहस और झगड़ा होने की बात भी सामने आई है। राजेश के अनुसार, अमन की पत्नी गुस्से में चिल्ला रही थीं जबकि अमन रो रहे थे। इसके कुछ देर बाद ही घर में अचानक सन्नाटा छा गया। अमन की साली जम्मू में तैनात एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बताई जा रही हैं।

पुलिस जांच और साजिश का एंगल

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी अमन के बहनोई शिवम ने दी थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और अमन को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी बड़ी साजिश के ठोस सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस गहन जांच में जुटी हुई है।

अमन शर्मा का शानदार न्यायिक करियर

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, अमन कुमार शर्मा ने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा (DJS) में प्रवेश किया था। उन्होंने प्रतिष्ठित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। 18 अक्टूबर 2025 से वे कड़कड़डूमा कोर्ट में दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पूर्णकालिक सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सहकर्मियों के बीच वे एक गंभीर और प्रतिभाशाली अधिकारी के रूप में जाने जाते थे, जिससे उनकी इस अचानक मौत ने सबको हैरान कर दिया है।

Hot this week

Related News

Popular Categories