Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। एसएलबीएस सरकारी मेडिकल कॉलेज नेरचौक के ईएनटी विभाग ने 23वां एचपीएओआईसीओएन-2026 सम्मेलन आयोजित किया। इस दौरान राइनोप्लास्टी पर राज्य का पहला लाइव सर्जिकल और कैडावेरिक डिसेक्शन कोर्स सफलतापूर्वक पूरा हुआ। डॉ. भूषण लाल की अध्यक्षता में हुए इस दो दिवसीय आयोजन ने राज्य को राष्ट्रीय शैक्षणिक स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। युवा सर्जनों ने इस दौरान कई नई सर्जिकल तकनीकें सीखीं।
कैडावेरिक डिसेक्शन कोर्स की मुख्य विशेषताएं
सम्मेलन का उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश भवानी ने किया। उन्होंने ईएनटी विभाग के इस प्रयास की भारी सराहना की। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राइनोप्लास्टी पर हैंड्स-ऑन कैडावेरिक डिसेक्शन कोर्स था। इसमें डॉक्टरों ने विशेषज्ञों की देखरेख में कार्य किया। प्रतिभागियों ने नाक की संरचना, ग्राफ्टिंग तकनीक और सौंदर्यात्मक राइनोप्लास्टी का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। यह कैडावेरिक वर्कशॉप पूरे वैज्ञानिक सत्र में सबसे अधिक उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हुई।
एम्स के विशेषज्ञों ने की लाइव सर्जरी
पहले दिन राइनोप्लास्टी की लाइव सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। एम्स दिल्ली के एचओडी डॉ. राकेश कुमार और एम्स जोधपुर के डॉ. कपिल सोनी ने इसे अंजाम दिया। ओमान के अस्पताल से डॉ. अमर सिंह ने इसका कुशल संचालन किया। कार्यक्रम में एम्स बिलासपुर और जम्मू से भी विशेषज्ञ शामिल हुए। डॉ. नितिन और डॉ. सुदेश कुमार जैसे डॉक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे आयोजन की शैक्षणिक गुणवत्ता और भी बेहतर हो गई।
सम्मेलन में 150 प्रतिनिधियों ने लिया भाग
आयोजन अध्यक्ष डॉ. भूषण ने बताया कि देशभर से लगभग 150 प्रतिनिधियों ने इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद राइनोप्लास्टी की चुनौतियों पर एक विशेष पैनल चर्चा हुई। दूसरे दिन कई अन्य जटिल विषयों पर गहन मंथन हुआ। इनमें एयरवे मैनेजमेंट, नेज़ल वाल्व सर्जरी और कॉक्लियर इम्प्लांटेशन प्रमुख रहे। साथ ही रोबोटिक नेक सर्जरी और एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में स्नातकोत्तर शोध-पत्र, पोस्टर सत्र और क्विज़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।


