Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में सिरमौर जिले की बेटी ने इतिहास रच दिया है। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कांगर धरीयार की छात्रा आरुषि ने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। आर्ट्स संकाय में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर आरुषि ने न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आरुषि की इस बड़ी सफलता से जिले भर में जश्न का माहौल है।
बेहद साधारण पृष्ठभूमि से संबंध रखती हैं आरुषि
आरुषि शर्मा एक बहुत ही साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता नीरज कुमार खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता सुमन गृहिणी हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद आरुषि ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। आरुषि ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय निरंतर कड़ी मेहनत, अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन और माता-पिता के निस्वार्थ सहयोग को दिया है।
कड़ी मेहनत और अनुशासन बना सफलता का मंत्र
आरुषि की दिनचर्या बेहद अनुशासित और प्रेरणादायक रही है। वह रोजाना सुबह 4:30 बजे उठकर अपनी पढ़ाई शुरू कर देती थीं और देर रात तक विषयों का अभ्यास करती थीं। विशेष बात यह है कि वह केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने घर के कामों और खेतों में भी अपने माता-पिता का हाथ बंटाया। उनकी इस बहुमुखी प्रतिभा और समर्पण की अब हर तरफ सराहना हो रही है। उनकी मेहनत ने उन्हें आज इस शिखर पर पहुंचाया है।
भविष्य में सिविल सेवा में जाने का है लक्ष्य
आरुषि शर्मा का सपना बचपन से ही प्रशासनिक सेवाओं में जाने का रहा है। वह भविष्य में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर एक आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा ने आरुषि की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सरकारी स्कूल की छात्रा का राज्य स्तर पर मेरिट सूची में आना गर्व की बात है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मेहनत के प्रति प्रोत्साहित करेगी।


