Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को 12वीं कक्षा के तीनों संकायों का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। कला, विज्ञान और कॉमर्स संकाय के इस परिणाम में लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। मेरिट सूची में छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले चार गुना अधिक स्थानों पर अपना कब्जा जमाया है। यह परिणाम राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। बोर्ड ने इस साल कई अहम बदलाव किए थे।
मेरिट सूची में छात्राओं का शानदार प्रदर्शन
तीनों संकायों की संयुक्त टॉप टेन मेरिट सूची में कुल 121 विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई है। इस सूची में 99 लड़कियां और केवल 22 लड़के शामिल हैं। बोर्ड के पिछले कई परिणामों की तरह इस बार भी 10वीं और 12वीं में लड़कियों का दबदबा कायम रहा है। देवभूमि हिमाचल की बेटियों ने अपनी प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। शिक्षा बोर्ड ने पारदर्शी तरीके से कॉपियों का मूल्यांकन करवाया है।
सरकारी और निजी स्कूलों में कड़ी प्रतिस्पर्धा
इस बार परीक्षा परिणाम में सरकारी और निजी स्कूलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है। मेरिट सूची के 121 स्थानों में से सरकारी स्कूलों ने 61 स्थानों पर कब्जा किया है। वहीं निजी स्कूल 60 स्थानों पर रहे हैं।
- सरकारी स्कूलों के छात्रों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ा है।
- शिक्षा विभाग और बोर्ड के संयुक्त प्रयासों का यह सकारात्मक असर है।
- पिछले वर्षों में निजी स्कूल इस मेरिट सूची में काफी आगे रहते थे।
परीक्षा प्रणाली में सुधार से ऐतिहासिक परिणाम
कोविड काल को छोड़कर हिमाचल बोर्ड का यह अब तक का सबसे बेहतरीन परिणाम रहा है। पास प्रतिशत 2023 में 79.06, 2024 में 74.05, 2025 में 83.16 और 2026 में 92.02 रहा। इस साल बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए थे। तीनों प्रश्न पत्र सीरीज में प्रश्नों का क्रम आगे-पीछे किया गया था। इसके अलावा छात्रों की सुविधा के लिए 20 फीसदी बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) भी शामिल किए गए थे। यह बदलाव काफी सफल रहा है।


