Himachal Pradesh News: जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में मंगलवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा होते-होते रह गया। रोंखर गांव के पास बारिश के बीच बच्चों से भरी एक निजी स्कूल बस और सामने से आ रही बोलेरो गाड़ी आमने-सामने आ गईं। गनीमत रही कि दोनों चालकों ने अविश्वसनीय सूझबूझ दिखाई और समय रहते ब्रेक लगा दिए। अगर जरा सी भी चूक होती, तो यह एक बड़ा और दर्दनाक हादसा साबित हो सकता था।
बारिश और फिसलन के बीच मचा भारी हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे जब यह घटना हुई, उस समय इलाके में बारिश हो रही थी। रोंखर के पास तीखे मोड़ पर अचानक दोनों वाहन एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों चालकों ने जिस तरह से अपनी गाड़ियों पर नियंत्रण पाया, वह वाकई काबिले तारीफ था। बोलेरो चालक ने बस को बचाने के लिए अपनी गाड़ी को तुरंत झाड़ियों की तरफ मोड़ दिया, जिससे बड़ा संकट टल गया।
बस में सवार थे 35 मासूम, बाल-बाल बची जान
हादसे के वक्त निजी स्कूल बस में करीब 30 से 35 बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रहे थे। जैसे ही बस में अचानक जोरदार ब्रेक लगे, बच्चों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सुखद खबर यह है कि किसी भी बच्चे को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बस और बोलेरो की सीधी टक्कर होती, तो जान-माल का बड़ा नुकसान होना निश्चित था।
बोलेरो चालक की सूझबूझ की चारों ओर चर्चा
इस पूरी घटना में बोलेरो चालक की बहादुरी और त्वरित निर्णय की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। उसने अपनी जान और गाड़ी की परवाह किए बिना उसे कच्ची सड़क और झाड़ियों की ओर उतार दिया ताकि स्कूल बस सुरक्षित रहे। यदि वह अपनी लेन में रहता, तो टक्कर इतनी भीषण होती कि बस पलट भी सकती थी। इस सूझबूझ ने दर्जनों परिवारों के चिरागों को एक बड़ी अनहोनी से सुरक्षित बचा लिया।
खराब मौसम में बढ़ जाता है पहाड़ी रास्तों का खतरा
हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। प्रशासन ने भी अभिभावकों और स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे खराब मौसम में वाहनों की गति पर विशेष ध्यान दें। नगरोटा बगवां के रोंखर गांव में हुई यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्कूल बस चालकों को और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाएं।
