Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित जमा दो के परीक्षा परिणामों में जिला ऊना के एक निजी शिक्षण संस्थान ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। गगरेट स्थित सेंट डीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चार विद्यार्थियों ने राज्य की आधिकारिक मेरिट सूची में गौरवपूर्ण स्थान हासिल किया है। विशेष रूप से कॉमर्स संकाय में इस विद्यालय की दो छात्राओं ने पूरे प्रदेश में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के बाद विद्यालय परिसर और क्षेत्र में हर्ष का माहौल व्याप्त है।
कॉमर्स संकाय में यशस्विनी और कृषिका ने गाड़े सफलता के झंडे
सेंट डीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की मेधावी छात्रा यशस्विनी चौहान और कृषिका ने वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। दोनों ही छात्राओं ने कुल 500 अंकों में से 491 अंक अर्जित कर हिमाचल प्रदेश की मेरिट सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। छात्राओं की इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बेहतर मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन ने छात्राओं की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गौरवपूर्ण क्षण बताया है।
मेडिकल और नॉन-मेडिकल संकाय में भी मेधावियों का शानदार प्रदर्शन
वाणिज्य संकाय के साथ-साथ विज्ञान संकाय में भी विद्यालय के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रमाणित किया है। छात्रा शगुन धीमान ने मेडिकल स्ट्रीम में 491 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में चौथा स्थान सुनिश्चित किया है। वहीं, नॉन-मेडिकल संकाय में आशुतोष ने 489 अंकों के साथ राज्य की मेरिट सूची में छठा स्थान हासिल किया है। एक ही विद्यालय से चार विद्यार्थियों का प्रदेश स्तरीय मेरिट में आना शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विद्यालय ने कायम रखी श्रेष्ठ परिणामों की अपनी पुरानी परंपरा
विद्यालय की संस्थापिका सरोज कमल ने बताया कि संस्थान ने इस वर्ष भी अपनी शानदार शैक्षणिक परंपरा को सफलतापूर्वक बरकरार रखा है। उल्लेखनीय है कि पिछले शैक्षणिक वर्ष में भी इसी विद्यालय की छात्रा महक चौधरी ने 499 अंक लेकर प्रदेश में प्रथम स्थान पाया था। प्रधानाचार्य याचना शर्मा और वाइस प्रिंसिपल अनूप कालिया ने मेधावियों, उनके अभिभावकों और समर्पित अध्यापक वर्ग को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। बोर्ड परीक्षाओं में निरंतर ऐसी सफलता विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षण शैली का ही परिणाम है।


