Delhi News: देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पोस्टल विभाग के कर्मचारियों ने अपनी वेतन वृद्धि और भत्तों को लेकर सरकार के सामने तगड़ी मांगें पेश की हैं। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने 20 अप्रैल 2026 को आयोग को एक विस्तृत मेमोरेंडम सौंपा है। इसमें कर्मचारियों के वेतन ढांचे में आमूलचूल बदलाव और भारी बकाया राशि के भुगतान का प्रस्ताव रखा गया है।
वेतन में भारी इजाफे और एरियर की मांग
पोस्टल विभाग के कर्मचारियों ने वेतन आयोग से भारी भरकम बकाया (Arrears) की मांग की है। कर्मचारियों का अनुमान है कि उन्हें 3.6 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक का बकाया मिल सकता है। यह राशि सिफारिशें लागू होने में लगने वाले समय के अंतर को पाटने के लिए मांगी गई है। वेतन में बढ़ोतरी के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया गया है। अगर सरकार इसे मानती है, तो बेसिक सैलरी में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिलेगा।
सालाना वेतन वृद्धि और भत्तों पर नया प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने सालाना वेतन वृद्धि की दर को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की है। महंगाई के बढ़ते असर को देखते हुए यह कदम जरूरी बताया गया है। इसके अलावा, मकान किराया भत्ता (HRA) को लेकर भी एक बड़ा प्रस्ताव दिया गया है। कर्मचारी चाहते हैं कि HRA को बढ़ाकर 40% किया जाए। उन्होंने मांग रखी है कि भत्तों को सीधे महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ा जाए ताकि महंगाई बढ़ते ही ये स्वतः बढ़ जाएं।
प्रमोशन और करियर ग्रोथ के लिए नई योजना
करियर में ठहराव को दूर करने के लिए भी मेमोरेंडम में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। कर्मचारियों की मांग है कि MACP स्कीम में सुधार कर पूरे करियर में कम से कम पांच प्रमोशन सुनिश्चित किए जाएं। इससे कार्यक्षमता और मनोबल में सुधार होगा। महिला कर्मचारियों के लिए मैटरनिटी लीव, चाइल्ड केयर लीव और कार्यस्थल पर क्रेच सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बेहतर पोस्टिंग नियमों की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
पेंशन और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और वर्तमान स्टाफ के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बड़ी मांग है। कर्मचारी चाहते हैं कि सभी को कैशलेस इलाज मिले और CGHS सुविधा का विस्तार अधिक जिलों में किया जाए। पेंशन के खर्च को लेकर भी एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया है। संगठन चाहता है कि पेंशन का भुगतान विभाग के बजट के बजाय केंद्र सरकार के केंद्रीय फंड से हो। इससे विभाग पर वित्तीय बोझ कम होगा और पेंशन व्यवस्था अधिक सुरक्षित रहेगी।
दिल्ली में तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू
8वें वेतन आयोग की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल तक विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ आयोग की महत्वपूर्ण बैठकें हो रही हैं। इन चर्चाओं के बाद आयोग के सदस्य अलग-अलग राज्यों का दौरा भी करेंगे। सभी हितधारकों के सुझावों और आर्थिक परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद ही आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा। वर्तमान में हो रही इन मुलाकातों पर देशभर के सरकारी कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।


