Tamil Nadu News: आईपीएल 2026 के सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स को एक नया सितारा मिल गया है। तेज गेंदबाज रामकृष्ण घोष ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने पहले ही मैच में अपनी छाप छोड़ दी है। एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में घोष ने अपनी गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया। उन्होंने अपने आईपीएल करियर का पहला विकेट किसी साधारण बल्लेबाज का नहीं, बल्कि दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव का लिया।
डेब्यू मैच में ही दिखा घोष का जलवा
चेन्नई और मुंबई के बीच हुए इस 44वें मैच में रामकृष्ण घोष को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। चेन्नई ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जिससे घोष को जल्दी ही मैदान पर उतरने का मौका मिल गया। पारी के नौवें ओवर में कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने उन्हें गेंद सौंपी। अपने पहले ओवर में उन्होंने सधी हुई गेंदबाजी की और केवल सात रन दिए। उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने मुंबई के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया।
सूर्यकुमार यादव बने घोष का पहला शिकार
घोष की शानदार गेंदबाजी देख कप्तान ने उन्हें तुरंत अगला ओवर भी थमा दिया। अपने दूसरे ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने वह कर दिखाया जिसका सपना हर गेंदबाज देखता है। उन्होंने मुंबई के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को डेवाल्ड ब्रेविस के हाथों कैच आउट कराया। सूर्या ने कट शॉट खेलने की कोशिश की थी, लेकिन गेंद सीधे फील्डर के हाथ में चली गई। सूर्या ने आउट होने से पहले 12 गेंदों में 21 रनों की पारी खेली थी।
सिर्फ गेंदबाजी नहीं, फील्डिंग में भी किया कमाल
रामकृष्ण घोष ने अपनी गेंदबाजी से पहले फील्डिंग में अपनी चपलता का परिचय दिया था। पारी के दूसरे ओवर में उन्होंने विल जैक्स का एक अद्भुत कैच लपका। डीप बैकवर्ड पॉइंट पर तैनात घोष ने दौड़ते हुए आगे की ओर डाइव लगाई। उन्होंने जमीन से चंद सेंटीमीटर पहले गेंद को लपककर टीम को पहली सफलता दिलाई थी। उनके इस प्रयास की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है और उन्हें चेन्नई का नया ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।
कौन हैं तेज गेंदबाज रामकृष्ण घोष?
महाराष्ट्र के रहने वाले 28 वर्षीय रामकृष्ण घोष का आईपीएल में यह दूसरा साल है। पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 50 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। घोष घरेलू क्रिकेट में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 42 रन देकर 7 विकेट लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया था। उनके पास 13 प्रथम श्रेणी मैचों का अनुभव है।
चेन्नई की टीम में भविष्य के बड़े संकेत
घोष के इस प्रदर्शन ने चेन्नई की गेंदबाजी इकाई को और मजबूती दी है। टीम के पास पहले से ही कई अनुभवी गेंदबाज हैं, लेकिन घोष जैसे युवा खिलाड़ी का आगे आना टीम मैनेजमेंट के लिए राहत की बात है। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने मैच के बाद घोष के साहस और उनकी सटीक गेंदबाजी की सराहना की। आने वाले मैचों में इस लंबे कद के पेसर से टीम को और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।


