New Delhi: पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इस साल यह शुभ तिथि 13 मई को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की आराधना से अपार सुख और समृद्धि मिलती है। श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से भक्तों को जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति प्राप्त होती है। इस विशेष अवसर पर राशि अनुसार मंत्रों का जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
राशि के अनुसार इन विशेष मंत्रों का करें जप
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अपरा एकादशी पर अपनी राशि के अनुसार मंत्र जप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भगवान श्रीहरि की कृपा पाने के लिए अपनी राशि के अनुसार इन मंत्रों का चयन करें:
- मेष: ‘ॐ श्री केशवाय नमः’ या ‘ॐ गोविंदाय नमः’ का जप करें।
- वृषभ: इस राशि के जातक ‘ॐ श्री हृषीकेशाय नमः’ मंत्र पढ़ें।
- मिथुन: ‘ॐ श्री कृष्णाय नमः’ अथवा ‘ॐ राधिकेशाय स्वाहा’ का जप फलदायी है।
- कर्क: भगवान अच्युत की कृपा के लिए ‘ॐ श्री अच्युताय नमः’ का जप करें।
- सिंह: श्रीहरि के जनार्दन स्वरूप के लिए ‘ॐ श्री जनार्दनाय नमः’ का जप करें।
- कन्या: ‘ॐ श्री चतुर्भुजाय नमः’ मंत्र का उच्चारण आपके लिए शुभ रहेगा।
- तुला: इस राशि के लोगों को ‘ॐ श्री माधवाय नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए।
- वृश्चिक: भगवान विष्णु के ‘ॐ श्री गोविन्दाय नमः’ मंत्र का सच्चे मन से जप करें।
- धनु: ‘ॐ श्री नारायणाय नमः’ मंत्र का जप करने से विशेष लाभ मिलता है।
- मकर: आप ‘ॐ श्री वामनाय नमः’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें।
- कुंभ: ‘ॐ श्री उपेन्द्राय अच्युताय नमः’ मंत्र का उच्चारण करना आपके लिए श्रेयस्कर है।
- मीन: ‘ॐ श्री पद्मनाभाय नमः’ मंत्र का जप करने से सुख-शांति बनी रहती है।
अपरा एकादशी पर कृपा प्राप्ति के अचूक उपाय
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए विधि-विधान से पूजा करना अनिवार्य है। सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें। इसके बाद श्रीहरि का पंचामृत से अभिषेक करें और उन्हें पीले पुष्प अर्पित करें। भोग लगाते समय तुलसी दल का प्रयोग अवश्य करें क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना सौभाग्य लेकर आता है।
पुण्य लाभ के लिए करें दान और रात्रि जागरण
शास्त्रों में एकादशी के दिन दान का विशेष महत्व बताया गया है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें। अपरा एकादशी की रात को सोना वर्जित माना गया है, इसलिए रात्रि जागरण करें। इस दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना मानसिक शांति और आर्थिक उन्नति प्रदान करता है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन की बाधाओं को दूर कर सकते हैं और मोक्ष पा सकते हैं।

