हिमाचल में चुनाव से पहले सीएम सुक्खू का बड़ा दांव, क्या 20 अप्रैल के बाद मचेगा सियासी घमासान?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग बीस अप्रैल के बाद कभी भी चुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान कर सकता है। चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक अहम कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इकतीस मई से पहले राज्य में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के सख्त आदेश दिए हैं।

तीन चरणों में संपन्न होंगे चुनाव

राज्य में इस बार पंचायत और निकाय चुनाव तीन अलग-अलग चरणों में करवाए जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए संभावित तारीखें भी तय कर ली हैं। ये चुनाव बीस, बाईस और तेईस मई को आयोजित हो सकते हैं। इसके अलावा इक्कीस, तेईस और चौबीस मई का विकल्प भी रखा गया है। हालांकि इन प्रस्तावित तारीखों में स्थिति के अनुसार हल्का बदलाव भी किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग ने सभी चुनाव चिह्न भी पूरी तरह से तय कर दिए हैं।

मतदाता सूची का काम अंतिम चरण में

राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दे रहा है। वर्तमान में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का महत्वपूर्ण कार्य अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। हिमाचल प्रदेश की कुल सैंतीस सौ सत्तावन ग्राम पंचायतों में यह चुनाव होने जा रहे हैं। इसके साथ ही तिहत्तर नगर निकायों में भी मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाई जाएगी। जून महीने में सभी नए चुने हुए प्रतिनिधियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया जाएगा।

पार्टी चिह्न पर होंगे नगर निगम चुनाव

इन चुनावों में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दल अपनी पूरी ताकत झोंकने वाले हैं। पंचायत और शहरी निकाय चुनाव पार्टी चिह्न पर बिल्कुल नहीं लड़े जाएंगे। वहीं दूसरी ओर नगर निगम के चुनाव सीधे तौर पर पार्टी चिह्न पर ही होंगे। यहां दोनों राजनीतिक दल ज्यादा से ज्यादा पार्षदों को जिताने का प्रयास करेंगे। हर पार्टी अपना महापौर और उपमहापौर कुर्सी पर बिठाने की पूरी कोशिश करेगी। इसके लिए मजबूत प्रत्याशियों की तलाश भी शुरू हो गई है।

जिला परिषद अध्यक्ष के लिए कड़ा मुकाबला

राज्य के बारह जिला परिषद अध्यक्ष पदों के लिए दोनों दलों के बीच कड़ी राजनीतिक टक्कर देखने को मिलेगी। इसके अलावा बानवे पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भी भारी घमासान होने वाला है। हर राजनीतिक दल अपनी विचारधारा से जुड़े सदस्यों को इन अहम पदों पर बिठाना चाहता है। इसके लिए यह बेहद जरूरी है कि पार्टी समर्थित ज्यादा से ज्यादा सदस्य अपनी शानदार जीत दर्ज करें। जमीनी स्तर पर नेताओं ने अपना जनसंपर्क अभियान काफी तेज कर दिया है।

कैबिनेट बैठक में हो सकते हैं बड़े एलान

चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले हिमाचल सरकार ने सत्रह अप्रैल को अहम कैबिनेट बैठक बुलाई है। आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले राज्य सरकार कुछ बड़े और लोकलुभावन फैसले आसानी से ले सकती है। माना जा रहा है कि सरकार ने अपने हालिया बजट में जो बड़े एलान किए थे, उन्हें तुरंत लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चुनाव से पहले आम जनता को लुभाने के लिए कोई बड़ी प्रशासनिक घोषणा भी कर सकते हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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