संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज से: लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का ऐतिहासिक विधेयक, महिला आरक्षण को मिलेगी ताकत

India News: देश की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हो रही है। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है। इस सत्र में मोदी सरकार तीन ऐसे अहम विधेयक पेश करेगी, जो देश की राजनीतिक तस्वीर बदल सकते हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जमीन पर उतारना है।

लोकसभा सीटों में बंपर इजाफा, 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव

सरकार ने लोकसभा की मौजूदा सदस्य संख्या 543 को बढ़ाकर 850 करने की योजना बनाई है। इसके लिए ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026’ पेश किया जाएगा। इसमें जनसंख्या की नई परिभाषा और बढ़ती आबादी के अनुपात में सीटें बढ़ाने का प्रावधान है। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे बड़ा पुनर्गठन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्तरी राज्यों को अधिक लाभ मिल सकता है।

आज संसद के पटल पर पेश होंगे तीन ऐतिहासिक विधेयक

संसद में आज तीन प्रमुख विधेयक पेश किए जाएंगे। पहला, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026, जिससे दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। दूसरा, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो संसद की सदस्य संख्या बढ़ाएगा। तीसरा, परिसीमन विधेयक 2026, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे।

परिसीमन विधेयक पर होगी सबसे तीखी बहस, 18 घंटे आवंटित

परिसीमन विधेयक के तहत लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का फिर से निर्धारण किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया का सबसे जटिल हिस्सा है। विपक्षी दलों के साथ इस पर तीखी बहस होने की संभावना है। लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने इन बिलों पर चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय आवंटित किया है। पहले ये विधेयक लोकसभा में पारित होंगे, फिर राज्यसभा में भेजे जाएंगे।

2029 के चुनाव तक महिला आरक्षण होगा पूरी तरह प्रभावी

सरकार की रणनीति 2029 के लोकसभा चुनावों तक महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की है। 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए ये विधेयक अहम माने जा रहे हैं। महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने से राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में सबसे बड़ा बदलाव होगा।

यदि बिल पास हुए तो संसद के इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्गठन

यदि ये तीनों विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाते हैं, तो यह भारतीय संसद के इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्गठन होगा। लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो जाएगी। महिलाओं को विधानसभाओं और संसद में आरक्षण मिलेगा। निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलेंगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी राज्य को सीटों का नुकसान न हो। सरकार का दावा है कि सभी क्षेत्रों का संतुलन बनाए रखा जाएगा। विपक्षी दल इस मामले में सहयोग की बात कर रहे हैं, लेकिन परिसीमन पर उनकी आपत्तियां बरकरार हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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