तत्काल महिला आरक्षण लागू हुआ तो चुनाव में मचेगा हाहाकार, राहुल-राजनाथ और गडकरी की छिन जाएगी सीट!

India News: संसद में महिला आरक्षण बिल आसानी से पास हो चुका है। विपक्ष इसे तुरंत लागू करने की लगातार मांग कर रहा है। लेकिन बिना परिसीमन इसे तत्काल लागू करना काफी खतरनाक है। ऐसा करने से राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ सकता है। लॉटरी सिस्टम से राहुल गांधी और राजनाथ सिंह की सीटें छिन सकती हैं। नितिन गडकरी को भी अपनी लोकसभा सीट गंवानी पड़ सकती है। चुनाव से पहले यह एक बड़ा राजनीतिक संकट होगा।

लॉटरी सिस्टम से तय होंगी महिला आरक्षित सीटें

कानून के तहत एक सौ इक्यासी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होनी हैं। लोकसभा में वर्तमान में कुल पांच सौ तैंतालीस सीटें मौजूद हैं। परिसीमन के बिना नियम लागू होने पर आयोग को लॉटरी का सहारा लेना पड़ेगा। रैंडम ड्रा में किसी वीआईपी नेता की सीट महिला कोटे में जा सकती है। ऐसे में बड़े पुरुष नेताओं को अपनी सुरक्षित सीटें छोड़नी पड़ेंगी। उन्हें चुनाव के समय अचानक नई लोकसभा सीटों की तलाश करनी पड़ेगी।

राहुल और गडकरी की सीटों पर मंडराता बड़ा खतरा

इस अचानक बदलाव का सीधा असर राष्ट्रीय स्तर के कद्दावर नेताओं पर पड़ेगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वायनाड सीट महिला कोटे में जा सकती है। नागपुर से सांसद नितिन गडकरी की मजबूत सीट भी छिन सकती है। लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह को भी नई चुनावी जमीन तलाशनी पड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट भी ड्रा में आ सकती है। यह स्थिति सभी प्रमुख दलों के लिए बेहद असहज होगी। दिग्गज नेताओं का भविष्य उलझ जाएगा।

टिकट बंटवारे और प्रचार अभियान में मचेगी भारी अफरातफरी

चुनाव से पहले दिग्गज नेताओं की सीटें बदलने से टिकट बंटवारा उलझ जाएगा। सभी राजनीतिक दलों को रातों-रात अपनी चुनावी रणनीति पूरी तरह बदलनी पड़ेगी। नए चेहरों को अचानक चुनावी मैदान में उतारने से प्रचार अभियान भी बिगड़ेगा। दिग्गज पुरुष नेताओं को नई सीटों पर जाकर फिर जनता का विश्वास जीतना होगा। कम समय में यह काम किसी भी बड़े नेता के लिए आसान नहीं होगा। इसीलिए सरकार इसे परिसीमन प्रक्रिया के बाद ही लागू करना चाहती है।

परिसीमन और नई जनगणना के बाद लागू होगा कानून

केंद्र सरकार महिला आरक्षण को बेहद व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। इसके लिए सबसे पहले देश में नई जनगणना का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद परिसीमन आयोग हर राज्य में सीटों का सटीक निर्धारण करेगा। इसी प्रक्रिया से महिला आरक्षित सीटों का अंतिम फैसला तय होगा। इस स्पष्ट तरीके से किसी बड़े नेता को अचानक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। पूरी चुनावी प्रक्रिया बिना किसी बड़े विवाद के आसानी से संपन्न हो सकेगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories