झारखंड की स्वर्णरेखा नदी में मिला द्वितीय विश्व युद्ध का खौफनाक अमेरिकी बम, सेना ने ऐसे किया तबाह

Jharkhand News: झारखंड के जमशेदपुर से एक बहुत ही खौफनाक खबर सामने आई है। यहां बहरागोड़ा इलाके की स्वर्णरेखा नदी में एक भारी भरकम जिंदा मिसाइल बम मिला है। इस बम का वजन करीब दो सौ सत्ताईस किलो बताया जा रहा है। नदी में बम मिलने से पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। यह बम काफी शक्तिशाली है। इसलिए इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने के लिए विशेष रूप से भारतीय सेना को बुलाया गया है।

बालू खनन के दौरान मिला मौत का सामान

नदी के पानीपोडा घाट पर स्थानीय लोग बालू निकाल रहे थे। इसी खुदाई के दौरान उन्हें नदी की रेत में धातु की एक बड़ी वस्तु नजर आई। पास जाकर देखने पर वह एक विशाल गैस सिलेंडर जैसा लग रहा था। ग्रामीणों को तुरंत शक हुआ कि यह कोई खतरनाक विस्फोटक या मिसाइल बम हो सकता है। इसके बाद उन्होंने अपना काम रोक दिया और दूर भाग गए। प्रशासन ने भी तुरंत नदी किनारे बालू खनन पूरी तरह रुकवा दिया।

द्वितीय विश्व युद्ध का है यह अमेरिकी बम

पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक यह खौफनाक बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का है। इस विशाल बम पर ‘मेड इन अमेरिका’ और ‘एएन एम चौंसठ’ साफ तौर पर लिखा हुआ है। जानकारों का मानना है कि अस्सी साल पहले कोई अमेरिकी लड़ाकू विमान यहां से गुजरा होगा। उसी दौरान यह बम नदी की रेत में गिर गया होगा। तब से ही यह खतरनाक बम बालू में दफन था।

इलाके में तीसरी बार मिला है ऐसा बम

ग्रामीणों ने बताया कि स्वर्णरेखा नदी में बम मिलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस इलाके में ऐसे दो भारी मिसाइल बम मिल चुके हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि नदी किनारे रेत खोदते समय अक्सर ऐसे पुराने बम निकल आते हैं। एक ही इलाके में बार-बार जिंदा बम मिलने से लोगों में काफी खौफ है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से एक किलोमीटर के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है।

सेना ने दस फीट गहरे गड्ढे में किया तबाह

स्थानीय बम निरोधक दस्ता इस बम को निष्क्रिय करने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके बाद रांची से भारतीय सेना के विशेष जवानों को बुलाया गया। सेना की इक्यावन इंजीनियर रेजीमेंट ने बहुत ही सावधानी से अपना ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने नदी किनारे एक दस फीट गहरा गड्ढा खोदा। बम को उस गहरे गड्ढे में रखा गया और बोरियों से ढक दिया गया। इसके बाद सेना ने नियंत्रित विस्फोट से बम को तबाह कर दिया।

विस्फोट की गूंज से दहल गया पूरा गांव

जब सेना की टीम ने डायनामाइट लगाकर बम में विस्फोट किया, तो बड़ा धमाका हुआ। बम फटने की तेज आवाज कई किलोमीटर दूर तक आसानी से सुनी गई। इस भारी धमाके से नदी के आसपास की जमीन पूरी तरह से हिल गई। आसमान में चारों तरफ रेत और धूल का एक विशाल गुबार छा गया। इस सफल और सुरक्षित सैन्य ऑपरेशन के बाद प्रशासन और गांव वालों ने चैन की सांस ली। समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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