West Bengal News: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यभार संभालते ही ‘योगी मॉडल’ लागू करने के संकेत दिए। राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ पहुंचे सुवेंदु ने अपनी कुर्सी पर भगवा तौलिया लगवाया, जो सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के साथ ही नई सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक अर्जुन सिंह ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि सड़कों पर धार्मिक जमावड़े को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का रुख स्पष्ट है कि नमाज केवल मस्जिदों के भीतर ही पढ़ी जाए, जिससे आम जनता को यातायात में कोई असुविधा न हो। प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोलकाता के प्रतिष्ठित रेड रोड इलाके में भी अब इस तरह के किसी भी धार्मिक आयोजन की इजाजत नहीं दी जाएगी।
मवेशी तस्करी और पत्थरबाजी पर ‘जीरो टॉलरेंस’
सुवेंदु अधिकारी सरकार ने अपने चुनावी वादों को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मवेशी तस्करी और पत्थरबाजी की घटनाओं पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस को राज्य भर में बिना अनुमति चल रहे जानवरों के बाजारों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है। तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बांग्लादेश सीमा से सटे जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होगी।
भाजपा लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर मवेशी तस्करी गिरोहों को संरक्षण देने का आरोप लगाती रही है। अब सत्ता में आते ही सुवेंदु सरकार ने इन नेटवर्कों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सोमवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में यह तय किया गया कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकार के इन कदमों से साफ है कि वह राज्य की कानून-व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव करने की तैयारी में है।
योगी शैली में वैचारिक पहचान का प्रदर्शन
सचिवालय में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भगवा रंग की मौजूदगी को केवल एक औपचारिकता नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे सुवेंदु अधिकारी की वैचारिक प्रतिबद्धता और नई राजनीतिक पहचान के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं। यह कदम बंगाल की जनता को यह संदेश देने के लिए है कि प्रशासन अब नई दिशा में कार्य करेगा। सुवेंदु की कार्यशैली में योगी आदित्यनाथ जैसी दृढ़ता और स्पष्टता दिखाई दे रही है, जो आने वाले समय में बड़ी बहस का मुद्दा बन सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर पाबंदी लगाने के लिए अदालती आदेशों और कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया जाएगा। मिलिट्री जोन और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होगा। बंगाल की नई भाजपा सरकार अपने शुरुआती फैसलों से यह जताने की कोशिश कर रही है कि वह तुष्टीकरण की राजनीति को खत्म कर कानून का राज स्थापित करना चाहती है। इन बदलावों का असर आने वाले समय में राज्य की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

