Punjab News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पंजाब और चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के कथित जमीन धोखाधड़ी मामले में की गई है। ईडी की टीमें मोहाली और चंडीगढ़ में करीब एक दर्जन ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र मनी लॉन्ड्रिंग और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े आरोप हैं। छापेमारी के दौरान खरड़ में एक आवासीय सोसाइटी की नौवीं मंजिल से नकदी से भरे बैग फेंकने की घटना ने सनसनी फैला दी है।
बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों पर ईडी का शिकंजा
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी कई दिग्गज बिल्डरों की जांच कर रही है। इनमें सनटेक सिटी प्रोजेक्ट, अजय सहगल और एबीएस टाउनशिप जैसे नाम शामिल हैं। एल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शंस के ठिकानों पर भी सघन तलाशी ली गई। अधिकारियों के अनुसार, इन कंपनियों पर निवेशकों को ठगने का गंभीर आरोप है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि धोखाधड़ी की इस रकम को कहां और कैसे खपाया गया।
नितिन गोहल की तलाश और राजनीतिक कनेक्शन के आरोप
जांच एजेंसी नितिन गोहल नामक व्यक्ति की सक्रियता से तलाश कर रही है। आरोप है कि गोहल ने उन बिल्डरों को राजनीतिक संरक्षण दिलाया जो गमाडा (GMADA) की फीस देने में डिफॉल्टर थे। ईडी सूत्रों के मुताबिक, गोहल का संबंध मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन के करीबियों से है। इन आरोपियों पर गमाडा से जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (CLU) लाइसेंस हासिल करने में धोखाधड़ी करने का आरोप है।
खरड़ में नौवीं मंजिल से फेंके गए नोटों से भरे बैग
छापेमारी के दौरान मोहाली के खरड़ स्थित ‘वेस्टर्न टावर्स’ में एक फिल्मी दृश्य देखने को मिला। ईडी की टीम के पहुंचने पर नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से नोटों से भरे दो बैग नीचे फेंक दिए गए। जमीन पर गिरते ही बैग खुल गए और 500 रुपये के नोटों की गड्डियां बिखर गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, ईडी ने अभी तक इस नकदी के स्रोत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना, मजीठिया के गंभीर आरोप
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि बरामद पैसा मुख्यमंत्री के करीबी ओएसडी राजबीर सिंह घुमन से जुड़ा है। मजीठिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईडी की कार्रवाई ने ‘हवाला’ लेनदेन का खुलासा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा था। विपक्ष अब इस मामले में मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहा है।
गमाडा लाइसेंस और निवेशकों से धोखाधड़ी का मामला
ईडी की जांच मुख्य रूप से गमाडा द्वारा जारी लाइसेंसों में हुई हेराफेरी पर टिकी है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रोजेक्ट्स के लाइसेंस हासिल किए। इसके बाद लुभावने वादे करके आम जनता और निवेशकों से करोड़ों रुपये इकट्ठा किए गए। एजेंसी अब उन बैंक खातों और संपत्तियों का ब्योरा खंगाल रही है, जो इन संदिग्ध लेनदेन से जुड़े हैं। आने वाले दिनों में कई बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
राजनीतिक गलियारों में मंचा हड़कंप और आगामी कार्रवाई
इस कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत में भूचाल आ गया है। ओएसडी के सहयोगियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी से सरकार रक्षात्मक मुद्रा में है। ईडी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जब्त किए गए दस्तावेजों से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी उन कड़ियों को जोड़ रही है जो बिल्डरों और रसूखदारों के बीच के ‘सांठगांठ’ को उजागर करती हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।


