The Hague News: नीदरलैंड के प्रधानमंत्री राब जेटेन के राजनीतिक दल ‘डेमोक्रेट्स 66’ (D66) के मुख्यालय को निशाना बनाकर एक कायरतापूर्ण बम हमला किया गया है। हेग स्थित पार्टी कार्यालय के लेटरबॉक्स के माध्यम से एक ‘फायरवर्क बम’ अंदर फेंका गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैंतीस वर्षीय एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
युवा शाखा की बैठक के दौरान धमाका
यह हमला उस समय हुआ जब पार्टी की युवा शाखा ‘यंग डेमोक्रेट्स’ के लगभग तीस सदस्य मुख्यालय के भीतर एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। धमाके की तीव्रता से वहां मौजूद कार्यकर्ता बुरी तरह सहम गए, हालांकि किसी को भी शारीरिक चोट नहीं आई। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार, धमाके से इमारत के मुख्य द्वार और आंतरिक हिस्से को नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद दमकल विभाग और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रधानमंत्री की दो टूक: ‘हिंसा से नहीं झुकेंगे’
फरवरी में कार्यभार संभालने वाले प्रधानमंत्री राब जेटेन ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए इसे ‘डराने-धमकाने वाली कायरतापूर्ण हरकत’ करार दिया। जेटेन ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक नीदरलैंड में हिंसा के जरिए राजनेताओं को चुप कराने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं उनके लोकतांत्रिक संकल्प को और मजबूत करती हैं।
राजनीतिक दलों ने जताई एकजुटता
हमले के बाद नीदरलैंड के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री जेटेन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। दक्षिणपंथी वीवीडी पार्टी की नेता दिलन येसिलगोज ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ कृत्य बताया। वहीं, विपक्षी नेता जेसी क्लावर ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को हथियारों के बजाय शब्दों से सुलझाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले साल भी इसी कार्यालय को कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाया गया था, जब एक प्रदर्शन के दौरान इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गई थीं।
आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस जांच
हेग पुलिस ने गुरुवार रात हुई इस घटना के कुछ ही घंटों बाद संदिग्ध हमलावर को हिरासत में ले लिया। पुलिस फिलहाल हमले के पीछे के असल मकसद की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। इस घटना ने नीदरलैंड में राजनेताओं की सुरक्षा और बढ़ते उग्रवाद पर एक नई बहस छेड़ दी है।

