India News: भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। महिला आरक्षण विधेयकों पर चर्चा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जमकर सराहना की। मंडी सांसद ने पीएम मोदी को सबसे बड़ा नारीवादी नेता करार दिया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी सरकारों ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज किया। अब मौजूदा सरकार महिलाओं को उनका हक देने के लिए बहुत तेजी से काम कर रही है।
‘जा जी ले अपनी जिंदगी’ डायलॉग का जिक्र
लोकसभा में अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर कंगना ने बॉलीवुड के एक मशहूर डायलॉग का भी सहारा लिया। उन्होंने सुपरहिट फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का जिक्र करते हुए सरकार की महिला समर्थक सोच को उजागर किया। कंगना ने सदन में कहा कि आज सरकार ने देश की बेटियों से कह दिया है कि सारे पिंजरे और दीवारें टूट गई हैं, अब आप अपनी जिंदगी खुलकर जिएं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।
कांग्रेस पर महिला आरक्षण लटकाने का सीधा आरोप
विपक्षी दलों को घेरते हुए कंगना ने पुरानी सरकारों की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में महिला आरक्षण जैसे जरूरी मुद्दों को दशकों तक लटकाए रखा। जब विपक्ष पूछता है कि सरकार इस बिल में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रही है, तो सांसद ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा कि क्या इतने महत्वपूर्ण मामले को और ज्यादा सालों तक अटका कर रखना देश के लिए सही फैसला होता?
हिमाचल प्रदेश में महिलाओं की कम भागीदारी पर चिंता
कंगना ने राजनीति में महिलाओं की कम भागीदारी को लेकर ठोस आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश का सीधा उदाहरण देते हुए सदन को सच्चाई बताई। हिमाचल की कुल 68 विधानसभा सीटों में से वर्तमान में केवल एक ही महिला विधायक चुनी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी राज्यों में भी महिला विधायकों का आंकड़ा महज आठ से नौ प्रतिशत के आसपास ही है। महिला आरक्षण बिल इस गंभीर असंतुलन को दूर करने में एक बेहद अहम भूमिका निभाएगा।
विरोधियों की मानसिकता पर उठाया सवाल
सांसद ने महिला आरक्षण बिल को एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी देश में कुछ अच्छा काम होता है, तो कांग्रेसी नेताओं को परेशानी होने लगती है। कंगना ने समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के पुराने बयानों की याद दिलाकर उनकी महिला विरोधी सोच को उजागर किया। उन्होंने अपना निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि राजनीति में कदम रखते ही एक नेता ने उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
