Jharkhand News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर मतदाता दमन हुआ है। झामुमो नेताओं का कहना है कि आदिवासी बहुल इलाकों में समर्थकों को जानबूझकर वोट डालने से रोका गया। पार्टी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए एक बड़ा और बहुत ही गंभीर खतरा है।
आदिवासी मतदाताओं को रोकने की साजिश
झामुमो ने साफ दावा किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुनियोजित साजिश के तहत मतदान प्रभावित किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रशासन ने सत्ताधारी दल के दबाव में काम किया है। कई मतदान केंद्रों पर स्थानीय लोगों को डराया और धमकाया गया। झामुमो का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से चुनाव की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो गई है। उन्होंने प्रभावित इलाकों में दोबारा मतदान कराने की जोरदार मांग रखी है।
कानूनी कार्रवाई करने की बड़ी तैयारी
इस गंभीर मुद्दे पर झामुमो अब पूरी तरह से कानूनी विकल्प तलाश रहा है। पार्टी आलाकमान ने अपने तेजतर्रार वकीलों की एक विशेष टीम गठित कर दी है। यह टीम जरूरी सबूत इकट्ठा करके सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। इसके साथ ही झामुमो ने अन्य सभी विपक्षी दलों से भी समर्थन मांगा है। नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं होगा। पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।


