केजरीवाल की भविष्यवाणी: पंजाब में रुकेगा भाजपा का विजय रथ, मोदी सरकार के अंत का किया दावा

Punjab News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए बड़ी भविष्यवाणी की है। केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि भाजपा का ‘विजय रथ’ आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में निश्चित तौर पर रुकेगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव की जीत का जश्न मना रही भाजपा को आगाह किया कि पंजाब से ही मोदी सरकार के पतन की शुरुआत होगी। केजरीवाल ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या करने और विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने का गंभीर आरोप भी लगाया।

लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप मढ़ते हुए कहा कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई का उपयोग विपक्ष को दबाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनाव हारने के बाद भी धन-बल से विधायकों की खरीद-फरोख्त करती है। केजरीवाल के अनुसार, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में लोकतंत्र को अगवा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा पंजाब की सत्ता में आई, तो राज्य पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।

पंजाब में ‘सत्ता समर्थक’ लहर का किया दावा

केजरीवाल ने पंजाब में अपनी सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में एंटी-इनकंबेंसी की जगह प्रो-इनकंबेंसी लहर चल रही है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर चार साल बाद सरकार के खिलाफ माहौल बनता है, लेकिन पंजाब का हर गांव प्रशासन के कार्यों की तारीफ कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हो रहे कार्यों को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। केजरीवाल ने विश्वास जताया कि 2027 के चुनाव में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।

पार्टी छोड़ने वाले सांसदों और ‘भीतर के दुश्मन’ पर प्रहार

आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सात राज्यसभा सदस्यों पर भी केजरीवाल ने जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि ये सीटें पंजाब के हक की थीं, जिन्हें भाजपा ने पंजाबियों से छीन लिया है। केजरीवाल ने इन नेताओं को ‘भीतर का दुश्मन’ करार दिया और पंजाबियों से उन्हें रोकने की अपील की। उन्होंने पंजाब के ऐतिहासिक गौरव का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह पंजाब ने विदेशी आक्रमणकारियों को रोका, उसी तरह वह इन ताकतों को भी रोकेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात

इस सियासी गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर एक महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने पाला बदलने वाले छह राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता तत्काल समाप्त करने का आग्रह किया है। मान ने कपूरथला हाउस में विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पंजाब के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। दूसरी ओर, भाजपा नेता भी उत्साहित हैं और वे पंजाब में पश्चिम बंगाल जैसी सफलता दोहराने का दावा कर रहे हैं।

Hot this week

Related News

Popular Categories