Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी कमर कस ली है। चुनाव आयुक्त ने सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की। इस बैठक में चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 31 मई से पहले चुनाव करवाना अनिवार्य है। आगामी 20 अप्रैल के बाद राज्य में चुनाव की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव, नगर निकाय के लिए एक ही चरण
राज्य चुनाव आयोग ने प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन अलग-अलग चरणों में करवाने की अहम योजना बनाई है। इसके लिए विस्तृत शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं राज्य के नगर निकायों के चुनाव सिर्फ एक ही चरण में संपन्न करवाए जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो आयोग ने जमीनी स्तर पर पूरी चुनावी रूपरेखा तैयार कर ली है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग लगातार काम कर रहा है।
ईवीएम और मतपेटियों की कड़ी सुरक्षा के लिए ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य
चुनाव को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए मतदान केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती समय से पहले ही कर दी जाएगी। निर्वाचन आयुक्त ने ईवीएम और मतपेटियों की सुरक्षा पर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मतदान के बाद इन्हें सुरक्षित स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल होगा। इससे रास्ते भर ईवीएम और मतपेटियों की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा सकेगी। सभी अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
संवेदनशील बूथों पर रहेगी पैनी नजर, अधिकारियों को मिली सख्त चेतावनी
शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश मिले हैं। राज्य में अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान का काम जल्द पूरा किया जाएगा। इन खास केंद्रों पर भारी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती होगी। चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ड्यूटी में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने वाले अधिकारी पर तुरंत और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
