‘सरके चुनर’ विवाद: संजय दत्त ने महिला आयोग के सामने मांगी बिना शर्त माफी, अब उठाएंगे 50 बच्चों की पढ़ाई का खर्च

Delhi News: बहुचर्चित गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर उपजा विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा गाने की सामग्री पर कड़ा संज्ञान लिए जाने के बाद, बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त सोमवार, 27 अप्रैल को दिल्ली स्थित आयोग के दफ्तर में पेश हुए। सुनवाई के दौरान आयोग ने गाने के दृश्यों और बोल पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके जवाब में अभिनेता ने अपनी ओर से बिना शर्त माफी मांग ली है। इस मामले ने मनोरंजन जगत में कंटेंट की मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

संजय दत्त का बड़ा ऐलान: 50 आदिवासी बच्चों को देंगे शिक्षा

महिला आयोग के समक्ष माफी मांगने के साथ ही संजय दत्त ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया है। अभिनेता ने घोषणा की है कि वह 50 आदिवासी बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे। उनके वकील हेमंत शाह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि संजय दत्त आयोग की आपत्तियों का सम्मान करते हैं और प्रायश्चित के रूप में बच्चों के भविष्य को संवारने में मदद करेंगे। इस कदम को एक सकारात्मक सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।

सुनवाई से गायब रहीं नोरा फतेही, आयोग अपना सकता है कड़ा रुख

जहां एक ओर संजय दत्त ने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखा, वहीं इस मामले से जुड़ी अभिनेत्री नोरा फतेही सोमवार की सुनवाई में शामिल नहीं हुईं। आयोग ने नोरा को भी नोटिस जारी कर तलब किया था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति ने अधिकारियों को नाराज कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय महिला आयोग अब नोरा फतेही के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अपना सकता है। आयोग का स्पष्ट मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी होने वाले गानों के लिए सख्त गाइडलाइंस का होना अनिवार्य है।

मनोरंजन और मर्यादा के बीच खींचतान

‘सरके चुनर’ गाने के कंटेंट को लेकर छिड़ा यह विवाद फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सबक माना जा रहा है। महिला आयोग की अध्यक्ष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मनोरंजन के नाम पर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संजय दत्त के वकील ने दोहराया कि उनका मुवक्किल भविष्य में भी आयोग के साथ पूर्ण सहयोग करेगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि कलाकारों को प्रोजेक्ट साइन करने से पहले उसके सामाजिक प्रभाव पर भी विचार करना चाहिए।

डिजिटल सेंसरशिप पर फिर उठी मांग

इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या यूट्यूब और अन्य डिजिटल माध्यमों पर रिलीज होने वाले म्यूजिक वीडियो के लिए भी फिल्म जैसी सेंसरशिप की जरूरत है? संजय दत्त द्वारा बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठाने के फैसले पर लोग मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ इसे बेहतरीन पहल बता रहे हैं, तो कुछ इसे विवाद से बचने का रास्ता मान रहे हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें आयोग के अगले कदम और नोरा फतेही की अगली पेशी पर टिकी हुई हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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