Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का सितम चरम पर पहुंच गया है, जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू रहा है। मौसम विभाग की निरंतर चेतावनियों के बीच दिल्ली सरकार ने नागरिकों और विशेषकर कामकाजी वर्ग के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए निर्देश दिए हैं कि दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे के बीच कोई भी मजदूर खुले में काम नहीं करेगा। भयंकर तपिश और लू के खतरों को देखते हुए निर्माण स्थलों और फैक्ट्रियों में सीधी धूप में काम कराने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
मजदूरों की सुरक्षा के लिए श्रम मंत्रालय सख्त
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि हीटवेव के दौरान हर मंत्रालय को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सभी नियोक्ताओं और मालिकों को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि दोपहर के वक्त मजदूरों को पर्याप्त आराम मिले। कार्यस्थलों पर केवल काम रोकना ही काफी नहीं होगा, बल्कि वहां मजदूरों के लिए ठंडे पीने के पानी और बैठने के लिए उचित छायादार स्थान का प्रबंधन करना भी मालिक की जिम्मेदारी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कानूनी रुख अपनाएगा।
स्कूलों में बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान
गर्मी के प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए शिक्षा विभाग को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में पेयजल की उपलब्धता के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी। बच्चों को छुट्टी के बाद घर भेजने से पहले ओआरएस (ORS) घोल पिलाने की व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। इसके अलावा, परिवहन विभाग को बस स्टैंड्स पर पानी के काउंटर लगाने और डीटीसी (DTC) बसों के भीतर कोल्ड बॉक्स के जरिए ठंडा पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एलजी तरणजीत सिंह संधू ने की तैयारियों की समीक्षा
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी गर्मी से निपटने के लिए सरकारी मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। संधू ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर प्रभावी कार्य योजना लागू करने का आदेश दिया गया है। बिजली, पानी और दमकल विभाग को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि आपात स्थिति से निपटा जा सके।
बुनियादी सुविधाओं की निर्बाध आपूर्ति का संकल्प
भीषण गर्मी के इस दौर में एमसीडी (MCD), पीडब्ल्यूडी (PWD) और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी के कारण अस्पतालों में आने वाले मरीजों को तुरंत इलाज मिले और किसी भी इलाके में पानी की किल्लत न हो। बिजली विभाग को भी ट्रांसफार्मर की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोड बढ़ने पर पावर कट की समस्या न हो। राजधानी में गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार और प्रशासन समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
