300 करोड़ के घोटाले की पोल खोलने वाली SDM पर गिरी गाज, 40 लाख के बेनामी सौदे में फंसी, क्या है असली सच?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन में एक बेहद चौंकाने वाला प्रशासनिक मामला सामने आया है। चर्चित चेस्टर हिल्स हाउसिंग घोटाले का पर्दाफाश करने वाली एसडीएम पूनम बंसल अब खुद बेनामी संपत्ति के आरोपों में घिर गई हैं। राज्य के कार्यवाहक डीजीपी अशोक तिवारी ने उनके खिलाफ विजिलेंस और अनुशासनात्मक जांच की कड़ी सिफारिश की है। इस बड़ी कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक महकमे में भारी हड़कंप मचा दिया है। लोग इसे एक साजिश भी मान रहे हैं।

पति के बैंक खाते से जुड़े 40 लाख के संदिग्ध लेनदेन ने खोले राज

पुलिस मुख्यालय की अहम जांच रिपोर्ट में एसडीएम पूनम बंसल पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। दस्तावेजों से पता चला है कि एक जमीन सौदे से ठीक पहले उनके पति ने तीसरे व्यक्ति के बैंक खाते में करीब चालीस लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके तुरंत बाद वही विवादित जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड कर दी गई। इस बड़े और संदिग्ध लेनदेन को बेनामी संपत्ति का मामला माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इसे अवैध वित्तीय गतिविधि का एकदम स्पष्ट संकेत मान रही हैं।

अदालत में लंबित मामलों के बीच जमीन सौदों पर उठे गंभीर सवाल

इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू एसडीएम के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है। जिन जमीनों की गहन जांच की जा रही है, उनसे संबंधित कई राजस्व मामले सीधे एसडीएम अदालत में लंबित थे। प्रशासनिक अधिकारी का अपने ही न्यायालय में चल रहे मामलों के बीच ऐसी जमीनों की खरीद में रुचि लेना हितों के टकराव को दर्शाता है। डीजीपी ने उपायुक्त को भेजे पत्र में इस मामले में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्पष्ट सिफारिश की है।

चेस्टर हिल्स घोटाले की जांच से जुड़ी है साजिश की पूरी कहानी

सोलन के चेस्टर हिल्स में करीब तीन सौ करोड़ रुपये का भारी घोटाला हुआ था। इसमें धारा-118 का खुला उल्लंघन करके एक स्थानीय किसान की जमीन पर बड़े फ्लैट बना दिए गए थे। एसडीएम पूनम बंसल ने ही दो सौ पचहत्तर बीघा जमीन के इस फर्जीवाड़े की जांच की थी। इस घोटाले में कुछ शीर्ष अधिकारियों की भूमिका पर भी कई गंभीर सवाल उठे थे। अब माना जा रहा है कि सच्चाई उजागर करने पर साजिश रची गई है।

फंड रूटिंग में बिचौलियों का इस्तेमाल, जांच एजेंसियों के राडार पर खाते

पुलिस रिपोर्ट में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि धनराशि को सीधे ट्रांसफर नहीं किया गया। जांच एजेंसियों को बिचौलियों के माध्यम से फंड को कई अलग-अलग स्तरों पर घुमाने के पुख्ता सबूत मिले हैं। एक ही दिन में कई अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर की गई। इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल हमेशा काले धन और अवैध आर्थिक गतिविधियों में किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पैसे के असली मालिक और लाभार्थी की पहचान गुप्त रखना होता है।

उपायुक्त कर रहे हैं परीक्षण, जल्द हो सकती है आपराधिक कार्रवाई

फिलहाल सोलन के उपायुक्त स्तर पर इस पूरी जांच रिपोर्ट का गहराई से परीक्षण किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अगर एसडीएम पूनम बंसल पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय जांच तेज होगी। इसके साथ ही बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत एक अलग आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है। सरकार के उच्च स्तर पर भी इस अहम रिपोर्ट को लेकर बहुत जल्द कोई बड़ा और कड़ा फैसला लिया जा सकता है।

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