शिमला में क्रूरता: स्कूल में शौच करने पर ढ़ाई साल के मासूम की बेरहमी से पिटाई, टीचर बोली- जो करना है कर लो!

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ठियोग क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में महिला जेबीटी टीचर ने ढाई साल के मासूम की बेरहमी से पिटाई कर दी। बच्चे का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने स्कूल में शौच कर दिया था। इस घटना के बाद से मासूम काफी डरा हुआ है। पीड़ित पिता ने शिक्षा मंत्री और सीएम पोर्टल पर इस क्रूरता की सख्त शिकायत दर्ज कराई है।

शौच करने पर बेरहमी से पीटा

पीड़ित बच्चे के पिता गोपाल शर्मा ने इस पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही बच्चे का दाखिला स्कूल में कराया था। गोपाल ने मासूम को रोज की तरह स्कूल भेजा था। तभी उन्हें अपनी बहन का फोन आया। बहन ने बताया कि स्कूल में बच्चे को बुरी तरह पीटा गया है। मासूम ने स्कूल में पॉटी कर दी थी। इसी बात पर शिक्षिका भड़क उठी।

टीचर ने दिखाई रसूख की धौंस

घटना का पता चलने पर पिता तुरंत स्कूल पहुंचे। उन्होंने महिला शिक्षिका से इस मारपीट का कारण पूछा। इस पर आरोपी टीचर ने माफी मांगने के बजाय बदतमीजी की। उसने बेशर्मी से कहा कि उसने मारा है तो क्या हो गया। टीचर ने तर्क दिया कि वह स्कूल में बच्चों की पॉटी साफ करने के लिए नहीं है। महिला टीचर ने अपने रसूख की धौंस भी दिखाई। उसने पिता को धमकाते हुए कहा कि जो करना है कर लो।

प्रिंसिपल के सामने भी बदतमीजी

पिता न्याय की उम्मीद में स्कूल प्रिंसिपल के पास गए। लेकिन वहां भी आरोपी शिक्षिका का रवैया नहीं बदला। महिला टीचर ने प्रिंसिपल के सामने भी पिता से दुर्व्यवहार किया। शिक्षिका ने अहंकार में अपने चालीस साल के अनुभव का हवाला दिया। उसने साफ कह दिया कि आगे से इस बच्चे को स्कूल मत भेजना। यह व्यवहार शिक्षा के मंदिर पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। एक शिक्षक का ऐसा आचरण पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है।

शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग

पीड़ित पिता ने घटना का एक वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में मासूम रोते हुए टीचर द्वारा थप्पड़ मारने की बात कह रहा है। पिता ने बताया कि इलाके की कई अन्य महिलाएं भी इस टीचर से परेशान हैं। कम से कम दस महिलाओं ने इस शिक्षिका के खिलाफ शिकायत की बात मानी है। पिता ने शिक्षा मंत्री से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। फिलहाल शिक्षा विभाग ने इस गंभीर मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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