Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ जारी अभियान में पुलिस को एक चौंकाने वाली सफलता मिली है। जुब्बल पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक सरकारी बैंक के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी मैनेजर पर चिट्टे (हेरोइन) की खरीद-फरोख्त में शामिल होने का गंभीर आरोप है। यह मामला साबित करता है कि नशे का दलदल अब समाज के उच्च पदों पर बैठे लोगों को भी अपनी चपेट में ले चुका है।
बैंक की लोन ब्रांच में तैनात था आरोपी मैनेजर
पुलिस ने जिस आरोपी को दबोचा है, उसकी पहचान सिरमौर निवासी तरुण ठाकुर के रूप में हुई है। तरुण वर्तमान में एक बड़े सरकारी बैंक की लोन ब्रांच में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत मामला दर्ज किया है। अच्छी सैलरी और रसूखदार नौकरी होने के बावजूद आरोपी नशे के इस काले कारोबार में सक्रिय रूप से शामिल था। वह अपने पद की आड़ में इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज से खुला तस्करी का राज
इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कड़ियों को जोड़ने से हुआ। 9 फरवरी को पुलिस ने एक महिला को 13.46 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा था। जांच के दौरान पुलिस ने 17 मार्च को अमृतसर से मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर 6 अप्रैल को आशीष, मनोज और खुशी राम की गिरफ्तारी हुई। इन तीनों से पूछताछ के बाद अब बैंक मैनेजर तरुण ठाकुर को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ने खोली मुख्य सरगना से मिलीभगत
पुलिस जांच में आरोपी बैंक मैनेजर और अमृतसर के मुख्य सप्लायर लुकास के बीच सीधे संबंधों के सबूत मिले हैं। दोनों के बीच मादक पदार्थों के बदले ऑनलाइन माध्यम से भारी वित्तीय लेनदेन हुआ है। ये डिजिटल ट्रांजेक्शन इस अवैध नेटवर्क की सबसे मजबूत कड़ी साबित हो रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि मैनेजर ने बैंक के कितने अन्य संपर्कों या ग्राहकों को इस नशे के जाल में फंसाया था।
अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के कुल छह सदस्य गिरफ्तार
शिमला के एसपी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस कार्रवाई से पंजाब से हिमाचल तक फैला एक बड़ा तस्करी गिरोह ध्वस्त हो गया है। गिरोह में पंजाब से सप्लाई, हिमाचल में वितरण और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन की स्पष्ट कड़ियां मिली हैं। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे इस ‘सफेद जहर’ से दूर रहें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
