Patna News: बिहार में जालसाजी का एक ऐसा चेहरा फिर बेनकाब हुआ है जिसने कुछ साल पहले सूबे के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी तक को नहीं बख्शा था। खुद को हाई कोर्ट का जज बताकर तत्कालीन डीजीपी को कॉल करने वाला कुख्यात जालसाज अभिषेक अग्रवाल उर्फ अभिषेक भोपालका एक बार फिर सलाखों के पीछे है। इस बार उसने नया रूप धरकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी महकमे में दहशत पैदा कर दी थी। बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने उसे पटना के कोतवाली इलाके से धर दबोचा है।
ED अफसर बनकर अफसरों को दी धमकी
शातिर अभिषेक अग्रवाल पिछले कुछ समय से पटना और आसपास के जिलों के वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों को अपना निशाना बना रहा था। वह फोन पर खुद को ईडी का बड़ा अधिकारी बताता और जांच का डर दिखाकर अधिकारियों पर दबाव बनाता था। उसकी इन फर्जी कॉल्स से सरकारी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ था। भोजपुर के नवादा थाने में 28 अप्रैल को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम इसकी तलाश में जुट गई थी।
पटना के अपार्टमेंट से हुई नाटकीय गिरफ्तारी
बिहार एसटीएफ, भोजपुर और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से अभिषेक के ठिकाने का पता लगाया। पुलिस ने पटना की नागेश्वर कॉलोनी स्थित अजय निलायन अपार्टमेंट में छापेमारी कर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उससे कड़ी पूछताछ की, तो उसकी जालसाजी की कई परतें खुलती चली गईं। फिलहाल उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भोजपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
DGP को कॉल कर जा चुका है जेल
अभिषेक अग्रवाल का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और हैरान करने वाला है। करीब चार साल पहले उसने खुद को पटना हाई कोर्ट का जज बताकर बिहार के तत्कालीन डीजीपी को फोन किया था और एक मामले में पैरवी की थी। उस समय भी उसकी गिरफ्तारी ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना तरीका बदला और इस बार जांच एजेंसियों के नाम पर वसूली और डराने का धंधा शुरू कर दिया।
आधा दर्जन थानों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभिषेक के खिलाफ केवल पटना ही नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी गंभीर मामले दर्ज हैं। उसके विरुद्ध आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अलावा पटना के खाजेकलां और भोजपुर के थानों में तीन बड़े आपराधिक कांड दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस बार उसने ईडी अधिकारी बनकर कितने सरकारी कर्मचारियों से संपर्क किया और क्या उसने किसी से अवैध धन की उगाही भी की है। इस गिरफ्तारी को पुलिस विभाग के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।


