Russia News: रूस ने मंगलवार को अपनी नई और घातक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल ‘सरमत’ का सफल परीक्षण कर पूरी दुनिया को अपनी सैन्य ताकत का अहसास कराया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस मिसाइल को वैश्विक स्तर पर अब तक की सबसे शक्तिशाली मिसाइल करार दिया है। पुतिन के अनुसार, परमाणु हथियारों से लैस यह मिसाइल प्रणाली इस वर्ष के अंत तक रूसी सेना का हिस्सा बन जाएगी। यह पुरानी सोवियतकालीन वोयेवोदा मिसाइलों की जगह लेगी।
पश्चिमी देशों के रक्षा कवच को भेदने में सक्षम
सरमत मिसाइल की मारक क्षमता और इसके तकनीकी पक्ष को लेकर पुतिन ने बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि इसके वारहेड्स की संयुक्त शक्ति किसी भी पश्चिमी मिसाइल की तुलना में चार गुना अधिक प्रभावी है। इसे विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप में स्थित सुदूर लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है। राष्ट्रपति का दावा है कि यह आधुनिक तकनीक किसी भी अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्प्रभावी और बेकार कर देगी।
लंबी दूरी और सटीक मारक क्षमता का नया कीर्तिमान
तकनीकी विशिष्टताओं की बात करें तो सरमत की मारक दूरी 35,000 किलोमीटर (लगभग 21,700 मील) से भी अधिक है। यह वोयेवोदा जितनी ही विनाशकारी है, लेकिन इसकी सटीकता पुराने संस्करणों के मुकाबले कहीं बेहतर है। रूस ने वर्षों की देरी और तकनीकी विफलताओं के बाद आखिरकार इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके साथ ही रूस परमाणु संचालित ‘पोसाइडन’ अंडरवाटर ड्रोन और ‘ब्यूरेवेस्तनिक’ क्रूज मिसाइल के विकास के भी अंतिम चरण में पहुंच गया है।
रणनीतिक परमाणु बलों की बढ़ेगी ताकत
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी रणनीतिक मिसाइल बलों के कमांडर सर्गेई करकायव ने आधिकारिक तौर पर इस परीक्षण की सफलता की रिपोर्ट राष्ट्रपति पुतिन को सौंपी। करकायव ने विश्वास जताया कि सरमत मिसाइल प्रणाली की तैनाती से रूस की रणनीतिक परमाणु क्षमताओं में भारी इजाफा होगा। यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन का यह कदम पश्चिम को एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, ताकि वे युद्ध में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने से बचें।

