Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के चर्चित कटरिया प्रकरण ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को समाजवादी पार्टी का चार सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारी सुरक्षा के बीच गांव पहुंचा। पंचायत भवन में पीड़ित किशोरी के परिजनों से मुलाकात कर सपा नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का शोक संदेश साझा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। मौके पर डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सपा का दावा: अखिलेश यादव से मिलना चाहता है पीड़ित परिवार
मुलाकात के बाद सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किशोरी के माता-पिता स्वयं अखिलेश यादव से मिलना चाहते हैं, जबकि कुछ लोग जानबूझकर इस बारे में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल आज ही पूरी रिपोर्ट अखिलेश यादव को सौंपेगा। रिपोर्ट के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री के कटरिया आगमन का कार्यक्रम तय किया जाएगा, लेकिन उनका परिजनों से मिलना पूरी तरह तय है।
प्रशासनिक कार्यवाही और मुकदमों पर उठाए सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों के साथ न्याय की मांग दोहराते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील की। सपा नेताओं ने जिला प्रशासन से मांग की कि विरोध प्रदर्शन के दौरान निर्दोष सपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं और जेल में बंद नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए। रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि असली पत्थरबाजों को चिन्हित करने के बजाय राजनीतिक द्वेष के चलते कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया पर गंभीर आशंकाएं
रामआसरे विश्वकर्मा ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सच्चाई को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में देरी और आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करता है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी आशंका जताई कि डॉक्टर ने दुष्कर्म के एंगल से जांच नहीं की और विसरा को भी सुरक्षित नहीं रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल अखिलेश यादव के दौरे की आहट से सक्रिय हुई है।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर साधा निशाना और दबाव का आरोप
सपा प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की कार्यशैली पर भी प्रहार किया। रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि मंत्री को पीड़ित परिवार के पास पहुंचने में 10 दिन लग गए, जो उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीड़ित परिवार पर बयान बदलने के लिए सरकारी दबाव बनाया जा रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक जै किशन साहू, सीमा राजभर और रीता विश्वकर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
