Uttar Pradesh News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हरदोई के मल्लावां में एक युवती की हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे अखिलेश ने दो टूक कहा कि राज्य में लाइन अलग है और ऑर्डर अलग, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने इस घटना को केवल एक अपराध नहीं बल्कि पूरे सरकारी सिस्टम की विफलता बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित परिवार से मुलाकात और आर्थिक सहायता का ऐलान
अखिलेश यादव गुरुवार को मल्लावां के गढ़ी रसूलपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने 13 अप्रैल को हुई कुशवाहा समाज की युवती की हत्या के मामले में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। सपा प्रमुख ने पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपनी पार्टी की ओर से पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में समाजवादी सरकार बनने पर परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी ताकि उनका जीवनयापन सुचारु रूप से चल सके।
सिस्टम की विफलता पर अखिलेश यादव के तीखे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने खुलासा किया कि पीड़िता ने घटना से पहले पुलिस के जनसुनवाई पोर्टल, महिला हेल्प डेस्क और 112 नंबर पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में शिकायतों पर “संतुष्टि” दर्ज कर दी गई, जबकि वास्तविकता में कोई कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश ने मांग की कि जिन अधिकारियों ने झूठी फीडबैक रिपोर्ट तैयार की, उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
महिला सुरक्षा के दावों पर विपक्षी दल का कड़ा प्रहार
अखिलेश यादव ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए गाजीपुर, प्रतापगढ़ और फतेहपुर की हालिया घटनाओं का उदाहरण दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली सरकार जमीनी स्तर पर बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। उनके अनुसार, यदि 1090 और महिला हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्थाएं सक्रिय होतीं, तो मल्लावां की बेटी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मामले की निष्पक्षता के लिए सीबीआई जांच की मांग की है।
जातिवाद और परिवारवाद के आरोपों पर सपा प्रमुख की सफाई
सपा पर अक्सर लगने वाले जातिवादी और परिवारवादी आरोपों पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार प्रशासनिक स्तर पर भेदभाव कर रही है और केवल विशेष वर्ग के हितों का ध्यान रख रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अन्य अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर चलाने वाली सरकार इस संवेदनशील मामले के दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करने से क्यों कतरा रही है, जो सरकारी मंशा पर सवाल उठाता है।
एग्जिट पोल और विकास कार्यों पर सरकार को दी चुनौती
पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल पर अपनी राय रखते हुए अखिलेश ने कहा कि इन आंकड़ों पर कतई भरोसा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने पुराने उदाहरण देते हुए बताया कि अतीत में भी चुनाव पूर्व अनुमान पूरी तरह गलत साबित हुए हैं। इसके अलावा, उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने दावा किया कि समाजवादी कार्यकाल में बने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता विश्व स्तरीय थी, जबकि वर्तमान सरकार द्वारा बनाई जा रही सड़कों में किसानों की सुविधाओं और सर्विस लेन की भारी अनदेखी की गई है।


