Himachal News: हिमाचल पथ परिवहन निगम ने इलेक्ट्रिक बसों की सप्लाई में देरी पर कड़ा एक्शन लिया है। एचआरटीसी प्रबंधन ने बस निर्माता कंपनी ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक पर करीब आठ करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। राज्य सरकार ने नई बसों का बड़ा ऑर्डर दिया था। कंपनी तय समय के भीतर बसों की डिलीवरी करने में नाकाम रही है। निगम ने अब देरी के हर दिन के हिसाब से पेनाल्टी लगाने का फैसला किया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि नियमों का सख्ती से पालन होगा।
मार्च तक आनी थीं बसें, 424 करोड़ का है प्रोजेक्ट
बस निर्माता कंपनी को मार्च महीने तक इलेक्ट्रिक बसों की सप्लाई पूरी करनी थी। समय सीमा खत्म होने के बावजूद बसें डिपो तक नहीं पहुंचीं। इसे गंभीरता से लेते हुए निगम ने अनुबंध की शर्तों के तहत यह जुर्माना लगाया है। हिमाचल प्रदेश सरकार और एचआरटीसी ने कुल 297 नई इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर दिया है। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल कीमत करीब 424 करोड़ रुपये तय की गई है। पहले चरण में पचास प्रतिशत बसों की सप्लाई होनी थी।
पहाड़ी रास्तों पर फेल हुआ ई-बसों का ट्रायल
एचआरटीसी ने प्रदेश के 36 अलग-अलग स्थानों पर इन नई इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल करवाया था। मैदानी इलाकों में तो यह ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में ई-बस के ट्रायल के दौरान कई तकनीकी कमियां सामने आ गईं। कंपनी ने एक बार पूरी बैटरी चार्ज करने पर 180 किलोमीटर चलने की गारंटी दी थी। इसके उलट पहाड़ी रास्तों पर बस केवल 160 किलोमीटर तक ही चल पाई। निर्माता कंपनी तकनीकी कमियां दूर कर रही है।
सिक्योरिटी से कटेगा जुर्माना, बढ़ेगा लोगों का इंतजार
एचआरटीसी ने सुरक्षा के तौर पर कंपनी से पहले ही सिक्योरिटी राशि जमा करवा ली है। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने इस पूरी स्थिति पर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि बसों की पूरी सप्लाई मिलने के बाद ही अंतिम भुगतान किया जाएगा। इसी दौरान कुल भुगतान में से जुर्माने की भारी राशि काट ली जाएगी। तकनीकी कमियों और देरी के कारण अब नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए करीब एक महीने का इंतजार करना पड़ेगा।


