Entertainment News: स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाज से भारतीय सिनेमा के संगीत को एक नई ऊंचाई दी है। उनके हजारों गानों में से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया था। साल 1972 में आई फिल्म ‘समाधि’ का गाना ‘कांटा लगा’ उन्हीं चुनिंदा गानों में शुमार है। इस गाने ने न केवल उस दौर के युवाओं को झूमने पर मजबूर किया, बल्कि संगीत जगत में एक नया ट्रेंड भी सेट किया था।
आर.डी. बर्मन का संगीत और लता दीदी का अंदाज
इस सुपरहिट गाने की सफलता के पीछे संगीत निर्देशक आर.डी. बर्मन और लता मंगेशकर की अटूट मेहनत छिपी थी। पंचम दा के नाम से मशहूर बर्मन ने इस गाने को एक आधुनिक और फन-स्टाइल डांस नंबर के रूप में तैयार किया था। लता दीदी ने इसे इतने उत्साह और ऊर्जा के साथ गाया कि यह हर फिल्म प्रेमी की जुबान पर चढ़ गया। आज भी इस गाने की धुन लोगों को पुराने सुनहरे दौर की याद दिलाती है।
आशा पारेख के डांस मूव्स ने जीता सबका दिल
फिल्म ‘समाधि’ में दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख और अभिनेता धर्मेंद्र मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। ‘कांटा लगा’ गाने को पूरी तरह से आशा पारेख पर फिल्माया गया था। उनके शानदार डांस स्टेप्स और अभिनय ने इस गाने को विजुअली भी सुपरहिट बना दिया। प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आशा पारेख की स्टार पावर पहले से ही काफी ज्यादा थी, लेकिन इस गाने ने उनकी लोकप्रियता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।
गाने के मूल नाम से जुड़ी दिलचस्प कहानी
बहुत कम लोग जानते हैं कि 70 के दशक में इस गाने को ‘कांटा लगा’ के नाम से नहीं पहचाना जाता था। उस दौर में इसे इसके मुखड़े ‘बंगले के पीछे, तेरी बेरी के नीचे’ के नाम से जाना जाता था। रेडियो और कैसेट्स के कवर पर भी अक्सर यही शीर्षक लिखा होता था। समय बदलने के साथ लोगों ने इसे ‘कांटा लगा’ कहना शुरू किया और बाद में यह नाम आधिकारिक तौर पर इस गाने की पहचान बन गया।
रीमिक्स के दौर में भी कायम रहा जादू
दशकों बाद साल 2000 की शुरुआत में जब म्यूजिक वीडियो और रीमिक्स का चलन बढ़ा, तो इस गाने को दोबारा नए अवतार में पेश किया गया। रीमिक्स वर्जन ने भी म्यूजिक चार्ट्स पर टॉप स्थान हासिल किया और यह गाना फिर से चर्चा में आ गया। हालांकि, संगीत प्रेमी आज भी लता मंगेशकर वाले ओरिजिनल वर्जन को ही सबसे श्रेष्ठ मानते हैं। लता दीदी की आवाज ने इस गाने को बॉलीवुड का एक ‘कल्ट क्लासिक’ बना दिया है।


