Delhi News: बाहरी दिल्ली के नरेला औद्योगिक क्षेत्र में रविवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक प्लास्टिक फैक्ट्री से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। यह आग फैक्ट्री के टॉप फ्लोर पर लगी थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें भी राहत कार्यों में जुट गई हैं ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके।
सीढ़ियों पर रखे सामान ने पैदा की बड़ी बाधा
आग बुझाने के अभियान में दमकल कर्मियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फैक्ट्री के टॉप फ्लोर तक पहुंचने वाले सीढ़ियों के रास्ते में भारी मात्रा में सामान रखा हुआ था। इस अतिक्रमण की वजह से बचाव दल को ऊपर पहुंचने में काफी समय लगा। दमकल अधिकारियों के अनुसार, संकरी जगह और अवरोधों के कारण आग बुझाने की गति धीमी रही। फिलहाल राहत दल ने फैक्ट्री के आई-ब्लॉक स्थित इस हिस्से को चारों तरफ से घेर लिया है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अभी तक आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्लास्टिक का सामान होने के कारण धुआं बहुत जहरीला और घना है, जिससे आसपास के इलाकों में दृश्यता कम हो गई है। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या फैक्ट्री में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। शुरुआती प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और किसी भी संभावित जनहानि को रोकने की है।
औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
नरेला औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। फैक्ट्री के भीतर सीढ़ियों पर सामान रखने जैसी लापरवाही बड़े हादसों का कारण बनती है। स्थानीय निवासियों और अन्य फैक्ट्री मालिकों के बीच इस घटना के बाद डर का माहौल बना हुआ है। दमकल विभाग के नियंत्रण कक्ष के अनुसार, ऑपरेशन अभी भी जारी है और पूरी स्थिति नियंत्रण में आने के बाद ही नुकसान का सटीक आंकलन किया जा सकेगा।
