जबलपुर क्रूज हादसा: आखिरी सांस तक बेटे को सीने से लिपटाए रही मां, दिल्ली पहुंचे तीन शव तो फफक पड़ा पूरा इलाका

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध के पास हुआ क्रूज हादसा अब एक गहरे गम में तब्दील हो चुका है। दिल्ली के मायापुरी स्थित खजान बस्ती में जब परिवार के तीन सदस्यों के शव पहुंचे, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस दर्दनाक घटना में मरीना मैसी, उनके चार साल के मासूम बेटे त्रिशान और मां मधुर की मौत हो गई। शनिवार को गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

रेस्क्यू के दौरान दिखा मां की ममता का मर्मांतक दृश्य

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऐसा दृश्य दिखा जिसने पेशेवर बचावकर्मियों को भी रुला दिया। जब मरीना और उनके बेटे त्रिशान के शव मिले, तो मां ने अपने बच्चे को आखिरी सांस तक मजबूती से सीने से चिपका रखा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मां ने मौत के मुंह में भी अपने बेटे को बचाने की कोशिश की होगी। यह तस्वीर सोशल मीडिया और इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे सुनकर हर कोई सिहर उठता है।

खुशियों वाली यात्रा का मातम में दुखद अंत

मरीना के पति प्रदीप वर्मा, जो पेशे से वेब डिजाइनर हैं, अपनी बेटी सिया और ससुर जूलियस मेसी के साथ इस हादसे में बाल-बाल बच गए। परिवार जबलपुर में एक रिश्तेदार के गृहप्रवेश समारोह में शामिल होने गया था। खुशियों के इस माहौल के बीच वे दूसरे दिन बरगी बांध में क्रूज की सैर पर निकल गए थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक पारिवारिक पिकनिक का अंत इस कदर तीन पीढ़ियों के खात्मे के साथ होगा।

क्रूज चालक की लापरवाही और सुरक्षा में भारी चूक

मरीना के भाई ग्लैडविन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए क्रूज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने चालक को खराब मौसम के कारण आगे न जाने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद चालक क्रूज को बीच लहरों में ले गया। पुराना क्रूज होने और समय पर लाइफ जैकेट न मिलने के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई। भाई ने इसे स्पष्ट रूप से प्रशासन और चालक की आपराधिक लापरवाही करार दिया है।

प्रशासनिक सतर्कता और खराब मौसम की चेतावनी पर सवाल

मृतक के चचेरे भाई विनोद ने कहा कि जब मौसम विभाग ने दो-तीन दिन पहले ही अलर्ट जारी किया था, तो प्रशासन ने क्रूज संचालन की अनुमति क्यों दी? उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन थोड़ा भी सतर्क होता, तो इस बड़े हादसे को आसानी से रोका जा सकता था। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा मानकों में कहां कमी रह गई और चेतावनी के बावजूद क्रूज का परिचालन कैसे जारी रहा।

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