एलपीजी सिलेंडर का झंझट खत्म: दिल्ली-एनसीआर में पीएनजी की रिकॉर्ड मांग, 2 महीने में 70 हजार नए आवेदन

Delhi-NCR Energy News: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर बड़ा बदलाव आ रहा है। एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और अनिश्चित आपूर्ति से परेशान लोग अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केवल मार्च और अप्रैल के महीने में ही दिल्ली और आसपास के शहरों में पीएनजी की मांग में ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई है। अकेले दिल्ली में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को करीब 70 हजार नए घरेलू कनेक्शन के आवेदन मिले हैं।

43 हजार घरों में पहुंची पाइपलाइन, आईजीएल ने बढ़ाई रफ्तार

आईजीएल अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों में से 43 हजार से अधिक घरों में गैस पाइपलाइन पहुंचाने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। पीएनजी की इस बढ़ती लोकप्रियता के पीछे इसकी निर्बाध आपूर्ति मुख्य कारण है। इसमें न तो सिलेंडर खत्म होने का डर रहता है और न ही हर महीने बुकिंग का झंझट। अधिकारियों का कहना है कि पीएनजी न केवल एलपीजी की तुलना में काफी किफायती है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी पूरी तरह अनुकूल है। अब लोग पारंपरिक सिलेंडरों को छोड़ पाइपलाइन की सुविधा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

उद्योगों और रेस्तरां ने भी पीएनजी को बनाया पहली पसंद

घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्रों में भी पीएनजी का दबदबा बढ़ रहा है। पिछले दो महीनों में 100 से अधिक रेस्तरां और 20 से अधिक बड़े उद्योगों ने एलपीजी को छोड़कर पीएनजी का रुख किया है। ऊर्जा संकट की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार भी पीएनजी नेटवर्क के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पाइपलाइन बिछाने के लिए लगने वाले रोड-कटिंग शुल्क में बड़ी छूट दी है, जिससे काम की गति में जबरदस्त उछाल आया है।

प्रतिदिन 3000 कनेक्शन देने का लक्ष्य, वेटिंग लिस्ट होगी खत्म

आईजीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संकट शुरू होने से पहले दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 600 से 700 कनेक्शन ही लगाए जाते थे। मांग को देखते हुए अब इस क्षमता को बढ़ाकर 1,500 प्रतिदिन तक पहुंचा दिया गया है। कंपनी का आगामी लक्ष्य प्रतिदिन 3,000 कनेक्शन लगाने का है, ताकि ग्राहकों को आवेदन के बाद न्यूनतम समय में गैस की सुविधा मिल सके। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो इस साल के अंत तक दिल्ली-एनसीआर का एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह से एलपीजी मुक्त हो सकता है।

एनसीआर में गाजियाबाद और नोएडा ने मारी बाजी

एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में भी पीएनजी की स्वीकार्यता में भारी उछाल आया है। गाजियाबाद इस सूची में सबसे आगे रहा, जहां लंबित कनेक्शनों को तेजी से पूरा किया गया है। गाजियाबाद में पिछले दो महीनों में 15,000 नए पंजीकरण हुए और रिकॉर्ड 16,000 कनेक्शन लगाए गए। वहीं, नोएडा में 21,000 नए आवेदन आए और 13,000 घरों को पीएनजी से जोड़ा गया। रेवाड़ी और गुरुग्राम में भी हजारों की संख्या में नए ग्राहक पीएनजी नेटवर्क का हिस्सा बने हैं, जो शहरी ऊर्जा बुनियादी ढांचे में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

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