New Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही आग की घटनाओं ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। बीती रात दिल्ली के अलग-अलग कोनों में आग लगने की चार बड़ी घटनाओं से हड़कंप मच गया। शकूर बस्ती, गीता कॉलोनी, रोहिणी और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में लगी आग ने भारी तबाही मचाई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन सैकड़ों परिवारों की जीवनभर की पूंजी जलकर राख हो गई।
शकूर बस्ती में तबाही: 100 से ज्यादा झुग्गियां स्वाहा
आग की सबसे भयावह घटना शकूर बस्ती रेलवे कॉलोनी के पास स्थित झुग्गी बस्ती में घटित हुई। यहां देर रात लगी भीषण आग ने देखते ही देखते 100 से अधिक झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोग अपने घरों से जरूरी सामान तक नहीं निकाल सके। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सूचना देने के काफी देर बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, जिससे नुकसान बढ़ गया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग बुझाई।
गीता कॉलोनी में फंसी रहीं 14 जिंदगियां, दमकल ने बचाया
पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में भी देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक बिजली के ट्रांसफार्मर में लगी आग ने तेजी से फैलते हुए पास के 14 फ्लैट्स को अपनी जद में ले लिया। संकरी गलियों के कारण दमकल विभाग को बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घरों में फंसे सभी 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई ने मासूमों की जान बचा ली।
रोहिणी की चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 में भी आग ने जमकर उत्पात मचाया। यहां एक चार मंजिला इमारत में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल विभाग को रात करीब 9 बजे सूचना मिली, जिसके बाद 6 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। लगभग तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस को प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट का अंदेशा है, लेकिन विस्तृत जांच जारी है।
पंजाबी बाग का रैन बसेरा भी आग की भेंट चढ़ा
पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में देर रात करीब 11:30 बजे एक रैन बसेरे और पास बनी झुग्गियों में भीषण आग लग गई। सीमेंट साइड पर बनी ये झुग्गियां कुछ ही पलों में पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। दमकल विभाग की एक दर्जन गाड़ियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से रोका। यहां भी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन बेघर हुए लोगों के सामने अब सिर छिपाने की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
गर्मी और शॉर्ट सर्किट बने हादसों की मुख्य वजह
राजधानी में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली के उपकरणों पर लोड बढ़ने से शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ रही हैं। दिल्ली दमकल सेवा के अनुसार, इन सभी मामलों में शुरुआती तौर पर बिजली की खराबी ही आग का कारण नजर आ रही है। विशेषकर झुग्गी बस्तियों में तारों के जाल और घनी आबादी के कारण छोटी सी चिंगारी भी विकराल रूप ले लेती है। पुलिस अब इन सभी मामलों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि सही कारणों का पता चले।
फायर सेफ्टी और आपातकालीन व्यवस्था पर उठे सवाल
एक ही रात में हुई इन सिलसिलेवार घटनाओं ने दिल्ली की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर दोबारा सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर संकरी गलियों वाले इलाकों और झुग्गी बस्तियों में दमकल की गाड़ियों का पहुंचना आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन को घनी आबादी वाले क्षेत्रों में छोटे फायर टेंडर्स और हाइड्रेंट सिस्टम पर ध्यान देना चाहिए। प्रभावित परिवारों ने सरकार से मुआवजे और पुनर्वास की गुहार लगाई है।
