Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। सुक्खू ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव को देखते हुए यह सिर्फ ध्यान भटकाने की चाल है। इसके साथ ही उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे पर दर्ज एफआईआर को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। मुख्यमंत्री ने कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड शिफ्ट करने के फैसले को भी महिलाओं के हित में बताया।
महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक रोटियां
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक का पूरा समर्थन किया था। इसे साल दो हजार तेईस में पास किया गया था। लेकिन भाजपा ने इसे अगली जनगणना तक टाल दिया। अब चुनावों के समय भाजपा इस पर राजनीति कर रही है। सुक्खू ने तंज कसते हुए कहा कि आपदा के समय भाजपा ने कोई मदद नहीं की। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित पंद्रह सौ करोड़ रुपये दिलाने में भी राज्य के भाजपा नेताओं ने बिल्कुल साथ नहीं दिया।
खरगे पर एफआईआर विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर एफआईआर दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बहुत अहम होती है। सत्ता पक्ष इस तरह की कार्रवाई से विपक्ष को कभी डरा नहीं सकता है। कांग्रेस का कोई भी नेता ऐसी हरकतों से नहीं डरता है। पूरी पार्टी और सभी नेता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ पूरी मजबूती से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं, सभी आजमाएं भाग्य
हिमाचल में शहरी निकाय और पंचायत चुनाव होने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस में किसी तरह की गुटबाजी या नाराजगी बिल्कुल नहीं है। पार्टी पूरी तरह एकजुट है। इन चुनावों में कोई भी नेता अपना भाग्य आजमा सकता है। कांग्रेस आलाकमान कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा है। पश्चिम बंगाल चुनाव पर पूछे गए एक सवाल को मुख्यमंत्री ने टाल दिया। उन्होंने कहा कि वह बंगाल में ज्यादा नहीं रहे हैं, इसलिए इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
आधुनिक सुविधाओं के लिए शिफ्ट हुआ गायनी वार्ड
शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मदर एंड चाइल्ड अस्पताल को अलग कर दिया है। महिलाओं को रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं देने के लिए यह शिफ्टिंग बहुत जरूरी थी। अस्पताल की पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन को भी जल्द बदला जाएगा। सुक्खू ने स्पष्ट किया कि इस जनहित के फैसले पर डॉक्टरों का विरोध करना बिल्कुल भी सही नहीं है।
