Punjab News: पंजाब की सियासत में इन दिनों जबरदस्त भूचाल आया हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान अब आर-पार के मूड में हैं। सीएम मान 5 मई को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुद्दे को संवैधानिक स्तर पर उठाएंगे। मान का कहना है कि जनता के जनादेश और भरोसे के साथ की गई यह गद्दारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
7 सांसदों की बगावत ने बढ़ाई राज्य में तल्खी
हाल ही में राघव चड्ढा के नेतृत्व में ‘आप’ के 7 राज्यसभा सांसदों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी ने उच्च सदन भेजा, उनका दल बदलना एक गंभीर संवैधानिक संकट है। सरकार अब इस मामले में सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्पों पर गहराई से विचार कर रही है। मान ने कहा कि पंजाब के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए वह हर संभव कदम उठाएंगे।
ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट भारतीयों को लेने दिल्ली जाएंगे सीएम
पंजाब के मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे 15 भारतीयों के मुद्दे पर भी अहम जानकारी साझा की। इनमें से 11 लोग पंजाब के रहने वाले हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। मुख्यमंत्री खुद दिल्ली जाकर इन लोगों को रिसीव करेंगे। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि पंजाब पहुंचते ही इस पूरे मामले की गहन पड़ताल की जाएगी। जो भी एजेंट या बिचौलिए इन लोगों के साथ धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
पटियाला रेलवे ब्लास्ट में ‘अमृतपाल’ कनेक्शन की जांच
पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में भी मुख्यमंत्री ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संवेदनशील मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। जांच के दौरान अमृतपाल सिंह के कुछ समर्थकों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, मान ने साफ किया कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही दिया जाएगा। पुलिस ने अब तक कुछ संदिग्ध आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है।
कानून व्यवस्था पर सरकार का जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोहराया कि पंजाब में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं, चाहे वह कोई बड़ा नेता हो या प्रभावशाली व्यक्ति। अगर जांच में किसी की भी संलिप्तता पाई गई, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। सरकार राज्य की शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। पंजाब के हितों और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
1 मई को बुलाया विधानसभा का विशेष सत्र
सियासी उठापटक के बीच मान सरकार ने 1 मई को पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र भी बुलाया है। यह सत्र मुख्य रूप से मजदूरों और कामगारों को समर्पित होगा, लेकिन इसमें राज्यसभा सांसदों के दलबदल पर भी चर्चा होने के आसार हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान इस सत्र के जरिए अपनी सरकार की ताकत का प्रदर्शन करेंगे। आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में और भी बड़े उलटफेर होने की संभावना जताई जा रही है।


