Delhi News: आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच हुए हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले फैंस को मिचेल स्टार्क की वापसी का बेसब्री से इंतजार था। लेकिन भारत पहुंचने और टीम कैंप से जुड़ने के बावजूद वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाए। इस फैसले ने हर क्रिकेट प्रेमी के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। असल वजह उनकी फिटनेस और टीम मैनेजमेंट की सावधानीपूर्वक बनाई गई रणनीति है।
कंधे और कोहनी की चोट बनी सबसे बड़ी बाधा
मिचेल स्टार्क लंबे समय से कंधे और कोहनी की चोट से जूझ रहे हैं जो दिल्ली कैपिटल्स के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी हुई थी। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही यह तय हो गया था कि वह शुरुआती मैचों में टीम के लिए उपलब्ध नहीं रह पाएंगे। उनकी कमी टीम को गेंदबाजी संतुलन बनाने में खलती रही क्योंकि स्टार्क जैसे अनुभवी और धारदार गेंदबाज की भरपाई कर पाना बेहद कठिन होता है।
भारत पहुंचने के बाद भी नहीं मिली प्लेइंग इलेवन में जगह
स्टार्क भारत आ चुके हैं और टीम के साथ अभ्यास भी कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें तुरंत अंतिम एकादश में शामिल करना आसान फैसला नहीं था। लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के बाद किसी भी खिलाड़ी को सीधे मुकाबले में उतारना जोखिम भरा हो सकता है। स्टार्क को अपनी लय और मैच फिटनेस वापस पाने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए और यही कारण रहा कि टीम ने उन्हें आराम दिया।
वर्कलोड मैनेजमेंट बना टीम की प्राथमिकता
आधुनिक क्रिकेट में वर्कलोड मैनेजमेंट बेहद अहम भूमिका निभा रहा है खासकर तेज गेंदबाजों के लिए। दिल्ली कैपिटल्स की मेडिकल टीम का मानना है कि स्टार्क की वापसी धीरे-धीरे कराई जानी चाहिए। एक लंबा अंतरराष्ट्रीय सफर तय करके आने के बाद शरीर को रिकवरी का पूरा समय देना भी जरूरी है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पंजाब के खिलाफ उन्हें मैदान पर न उतारना ही सही समझा गया।
1 मई को राजस्थान के खिलाफ होगी वापसी
रिपोर्ट्स की मानें तो टीम का लक्ष्य स्टार्क को 1 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार करना है। टीम चाहती है कि जब वह मैदान पर उतरें तो अपनी पूरी क्षमता और लय के साथ उतरें ताकि गेंदबाजी आक्रमण को असली मजबूती मिल सके। उनकी गैरमौजूदगी में लुंगी एनगिडी ने शानदार प्रदर्शन कर टीम को काफी राहत प्रदान की है। अब देखना दिलचस्प होगा कि स्टार्क की वापसी के बाद टीम संयोजन में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं।
