Sports News: भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर अपनी मजबूत तैयारियों और वैश्विक स्तर पर यादगार आयोजन के संकल्प को दोहराया है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे के साथ उच्चस्तरीय बैठक में देश की व्यापक खेल योजना और विजन को सामने रखा। डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत खेल जगत का भव्य स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
खेल मंत्री मांडविया ने रखा एथलीट-केंद्रित आयोजन का विजन
बैठक के दौरान डॉ. मांडविया ने कहा कि कॉमनवेल्थ की शताब्दी के अवसर पर होने वाले ये खेल ऐतिहासिक होंगे। भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता और रंगत के साथ इसे यादगार बनाएगा। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के विस्तार, महिला खिलाड़ियों के लिए अस्मिता लीग और आदिवासी खेलों जैसे प्रयासों का जिक्र किया। सरकार देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत कर रही है। भारत ने सीडब्ल्यूजी 2030 के लिए एथलीट-केंद्रित, पर्यावरण के अनुकूल और तकनीक-संचालित आयोजन की परिकल्पना पेश की।
अहमदाबाद में निरीक्षण से प्रभावित हुआ कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स प्रतिनिधिमंडल
डॉ. रुकारे के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने 8 से 10 अप्रैल तक अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा और एकता नगर में प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में खेलों को राष्ट्रीय विकास के प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित किया गया है। डॉ. रुकारे ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक का उच्चतम राजनीतिक समर्थन देखा है और सब कुछ सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अहमदाबाद में पहले से मौजूद हैं विश्व स्तरीय सुविधाएं
डॉ. मांडविया ने अहमदाबाद को मेजबानी के लिए उपयुक्त बताते हुए उसकी मजबूत आधारभूत संरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और संस्थागत समर्थन को प्रमुख ताकत बताया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम, महात्मा मंदिर और वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे स्थल पहले से ही विश्व स्तरीय हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इन स्थलों की गुणवत्ता और योजना के पैमाने की प्रशंसा की। डॉ. रुकारे ने कहा कि अहमदाबाद का विजन महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी है।
खेलों की धरोहर और जमीनी स्तर पर भागीदारी पर जोर
डॉ. मांडविया ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन के जरिए देश में स्थायी खेल ढांचे का विकास और जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। 2030 खेल कॉमनवेल्थ की शताब्दी का जश्न होंगे। अगस्त में ग्लासगो में 2026 खेलों के समापन के बाद औपचारिक रूप से मेजबानी भारत को सौंप दी जाएगी। इसके बाद 2030 के आयोजन की पूर्ण तैयारियां शुरू हो जाएंगी। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के अध्यक्ष ने कहा कि इस आयोजन से खेलों के अगले 100 वर्षों की नई परिकल्पना तैयार होगी।
