Sports News: युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का बल्ला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ बिल्कुल खामोश रहा। वह इस मैच में बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके चलते राजस्थान को सीजन की पहली करारी हार झेलनी पड़ी। मैच के बाद राजस्थान टीम के सहायक कोच ट्रेवर पेनी ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वैभव टीम मैनेजमेंट के एक खास फैसले से काफी नाराज थे। इस खुलासे से खेल जगत में हलचल मच गई है।
इम्पैक्ट प्लेयर के नियम से नाखुश थे वैभव
राजस्थान के कप्तान रियान पराग ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। जब टीम की प्लेइंग इलेवन घोषित हुई तो उसमें वैभव का नाम शामिल नहीं था। उन्हें केवल इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतारा गया था। कोच ट्रेवर पेनी के अनुसार वैभव इस भूमिका से बिल्कुल खुश नहीं थे। वैभव को फील्डिंग करना बहुत ज्यादा पसंद है। लेकिन डोनोवान ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया था। इसलिए वैभव को बाहर बैठना पड़ा।
पहली ही गेंद पर आउट हुए युवा बल्लेबाज
इस अहम मुकाबले में वैभव का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। प्रफुल्ल हिंगे ने पहले ओवर की दूसरी गेंद पर ही उन्हें पवेलियन भेज दिया। पंद्रह साल का यह उभरता हुआ खिलाड़ी गोल्डन डक का शिकार हो गया। प्रफुल्ल ने इसी पहले ओवर में तीन विकेट झटक कर राजस्थान की कमर तोड़ दी। टीम ने केवल नौ रन के स्कोर पर अपने पांच महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। राजस्थान की पूरी टीम अंततः एक सौ उनसठ रन पर सिमट गई।
हैदराबाद ने खड़ा किया था विशाल स्कोर
सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले शानदार बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट खोकर दो सौ सोलह रन बनाए थे। यह लक्ष्य काफी बड़ा था जिसे हासिल करना राजस्थान के लिए बहुत मुश्किल साबित हुआ। शुरुआती झटकों के बाद राजस्थान की टीम कभी भी मैच में वापसी नहीं कर सकी। फरेरा और रवींद्र जडेजा ने अंत में एक अच्छी साझेदारी जरूर की थी। लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को जीत दिलाने के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं थी और टीम मैच हार गई।
