Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक शुक्रवार सुबह ग्यारह बजे होगी। बजट सत्र के बाद यह पहली बड़ी बैठक है। सचिवालय के शिखर सम्मेलन सभागार में होने वाली इस बैठक पर पूरे प्रदेश की नजर है। आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए सरकार कई बड़े और लोकलुभावन फैसले ले सकती है। इसमें मुख्य रूप से सरकारी नौकरियों, शिमला रोपवे प्रोजेक्ट और राज्य की नई औद्योगिक नीति पर मुहर लगने की पूरी संभावना है।
शिमला रोपवे प्रोजेक्ट की लागत में भारी इजाफा
राजधानी शिमला से तारादेवी तक प्रस्तावित महत्वाकांक्षी रोपवे प्रोजेक्ट पर बैठक में अहम चर्चा होगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई तेरह दशमलव सात नौ किलोमीटर है। हाल ही में केंद्र सरकार और नेशनल डेवलपमेंट बैंक ने इसकी बढ़ी हुई लागत को मंजूरी दी है। इस परियोजना का बजट अब सत्रह सौ चौंतीस करोड़ रुपये से बढ़कर बाईस सौ छियानवे करोड़ रुपये हो गया है। राज्य सरकार का हिस्सा भी बढ़कर चार सौ उनसठ करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं को बड़ी उम्मीद
सुक्खू सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए बड़े कदम उठा सकती है। स्वास्थ्य और वन विभाग में नई भर्तियों का मसौदा कैबिनेट में रखा जाएगा। भर्ती निदेशालय के जरिए होने वाली नियुक्तियां अब राज्य चयन आयोग करेगा।
- स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की बंपर भर्ती संभव है।
- वन विभाग में खाली पदों को भरने के लिए नई योजना तैयार है।
- जेओए आईटी पदों पर रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया का नया मसौदा भी चर्चा में है।
आर्थिक संकट और राजस्व घाटे पर होगा गंभीर मंथन
हिमाचल प्रदेश की माली हालत इस समय काफी चुनौतीपूर्ण है। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। केंद्र सरकार से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश पर आर्थिक दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कर्ज प्रबंधन और नए वित्तीय संसाधनों को लेकर अधिकारी प्रस्तुति देंगे। प्रधान वित्त सचिव देवेश कुमार इस समय राज्य से बाहर हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारी ही कैबिनेट के सामने ताजा आर्थिक आंकड़े और रिपोर्ट पेश करेंगे।
पर्यटन विकास और नई उद्योग नीति पर बनेगी बात
सरकार का पूरा फोकस अब राज्य में पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने पर है। विभिन्न टूरिज्म प्रोजेक्ट्स की मौजूदा स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, राज्य की नई औद्योगिक नीति का ड्राफ्ट भी लगभग तैयार है। हाल ही में बल्क ड्रग पार्क का शिलान्यास हुआ है। इसके बाद उद्योग क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री की पुरानी घोषणाओं और स्वास्थ्य विभाग में मशीनों की खरीद को भी आज मंजूरी मिल सकती है।
