Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में आयोजित राज्य दिवस समारोह उस समय विवादों में घिर गया, जब प्रोटोकॉल को लेकर कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने मंच पर ही अपना गुस्सा जाहिर कर दिया। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के दौरान नाम पुकारने के क्रम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम में कुछ पलों के लिए सन्नाटा पसर गया। मौके पर मौजूद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बड़ी मुश्किल से बिगड़े हालात को संभाला और समारोह को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया।
नाम न पुकारने पर भड़के चार बार के विधायक राकेश कालिया
ऊना में हिमाचल दिवस के भव्य कार्यक्रम के दौरान जब महानायकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए जा रहे थे, तब मंच संचालक ने एक बड़ी चूक कर दी। संचालक ने गगरेट के विधायक राकेश कालिया का नाम लेने के बजाय उनसे पहले राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान को बुला लिया। इस बात से विधायक कालिया इतने खफा हुए कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि वह चार बार के विधायक हैं और क्या संचालक उनका नाम नहीं जानता।
मंच पर ही कालिया ने जताया कड़ा ऐतराज, असहज हुए मंत्री
विधायक के तेवर देखकर वहां मौजूद मुख्य अतिथि रोहित ठाकुर और अन्य अधिकारी काफी असहज नजर आए। कालिया के आक्रोश को देखते हुए श्रद्धांजलि देने जा रहे कुलदीप धीमान ने भी अपने कदम रोक लिए। माहौल बिगड़ता देख मंच संचालक ने तुरंत स्थिति को सुधारते हुए विधायक राकेश कालिया का नाम पुकारा। इसके बाद विधायक ने मंच पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए, लेकिन इस घटना ने सत्तापक्ष के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक मंच पर ला दिया।
अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं विधायक
गौरतलब है कि विधायक राकेश कालिया पहले भी अपने बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। हाल ही में हुए हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार और नौकरशाही पर गंभीर सवाल उठाए थे। कालिया ने सदन में आरोप लगाया था कि अधिकारी उनकी बातों को अनसुना कर रहे हैं। उन्होंने बेनामी जमीन सौदों को लेकर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया था और मांग पूरी न होने पर धरने तक की चेतावनी दे दी थी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता
ऊना जिले के इस जिला स्तरीय समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। उन्होंने सबसे पहले तिरंगा फहराया और उसके बाद पुलिस व होमगार्ड की परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी ली। मंत्री ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी और राज्य के विकास में हर वर्ग के योगदान की सराहना की। हालांकि, विधायक के गुस्से के कारण कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं।
