Chandigarh News: पंजाब में मिलावटी दूध का काला कारोबार करने वालों के खिलाफ भगवंत मान सरकार ने युद्ध स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के नेतृत्व में दो दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान के दौरान राज्यभर से दूध के 200 नमूने एकत्र किए गए हैं। भीषण गर्मी के दौरान दूध की मांग बढ़ने और आपूर्ति घटने का फायदा उठाकर सक्रिय हुए मिलावटखोरों को रोकने के लिए विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) अब सीधे सप्लाई चेन पर प्रहार कर रहा है।
सप्लाई चेन की कड़ी निगरानी और कड़ा एक्शन
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विभाग की टीमों को सख्त हिदायत दी है कि दूध की सप्लाई करने वाले हर छोटे-बड़े केंद्र की सघन जांच की जाए। विभाग का मुख्य ध्यान इस समय दूध के उत्पादन से लेकर उसकी अंतिम बिक्री तक की पूरी श्रृंखला को सुरक्षित बनाने पर है। उन्होंने साफ कर दिया है कि मिलावट से जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य में शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
डेयरी फार्मों और संग्रह केंद्रों पर छापेमारी
इस अभियान के तहत पंजाब के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर नाकाबंदी की गई थी। अधिकारियों ने न केवल सड़कों पर दूध ले जा रहे वाहनों की जांच की, बल्कि डेयरी फार्मों, संग्रह केंद्रों और प्रोसेसिंग यूनिटों पर भी छापेमारी की। खुदरा दुकानों से भी बड़ी संख्या में नमूने उठाए गए हैं। यह कार्रवाई बुधवार और वीरवार को निरंतर जारी रही। प्रशासन का उद्देश्य मिलावट के स्रोतों को पूरी तरह नष्ट करना है ताकि शुद्ध डेयरी उत्पाद ही लोगों तक पहुंच सकें।
स्टेट फूड लेबोरेटरी में होगी नमूनों की जांच
जब्त किए गए सभी 200 नमूनों को गुणवत्ता और मानकों की सटीक जांच के लिए मान्यता प्राप्त स्टेट फूड लेबोरेटरी भेज दिया गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने चेतावनी दी है कि लैब की रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान लागू किया जाएगा। विभाग अब आधुनिक तकनीक की मदद से मिलावट की पहचान करने में जुटा है।
आम जनता से सहयोग और रिपोर्ट करने की अपील
सरकार ने इस अभियान की सफलता के लिए जनता से भी सक्रिय सहयोग की अपील की है। स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से कहा है कि यदि उन्हें कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट का संदेह हो, तो वे तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। लोगों की जागरूकता ही मिलावटखोरी के इस संगठित अपराध को खत्म करने में सबसे कारगर हथियार साबित होगी। इस अभियान के माध्यम से पंजाब सरकार प्रदेश के हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित भोजन पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।


